डिजिटल डेस्क: नीट-यूजी परिक्षा विवाद मामले में सोमवार को नया मोड़ आया है। नीट परीक्षा का पेपर लीक मामले में लातूर के शिवाजी नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। ये मामला लातूर के शिक्षको के खिलाफ दर्ज किया गया। जिनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ उन शिक्षकों के नाम संजय जाधव और जलील पठान है। कल एटीएस ने दोनो से प्राथमिक पुछताछ के बाद छोड़ दिया था। लेकिन फिर शाम को दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर एक को फिर से हिरासत में ले लिया है। शिक्षक जलील पठान पुलिस की हिरासत में है, जबकि संजय जाधव फरार है। दोनों ही शिक्षक लातूर जिला परिषद स्कूल में पढ़ाते हैं।
दरअसल, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के पेपर लीक और परीक्षा के संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगा है। इसे लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। NEET परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आक्रोश देखने को मिल रहा है। देशभर में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इन सबके बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर अनियमितताओं की जांच रविवार को सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली।
उधर, बिहार में पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने पांच और लोगों को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। नीट परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी। इसे लगातार रद्द करने की मांग उठ रही है। मंत्रालय ने सरकार का पिछला रुख दोहराते हुए गड़बड़ी की घटनाओं स्थानीय और छिटपुट स्तर की बताई और कहा कि उन लाखों परीक्षार्थियों के करियर को खतरे में डालना उचित नहीं है, जिन्होंने परीक्षा सही ढंग से पास की।
सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद जिन 1,563 छात्रों ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए गए थे, उनके लिए रविवार को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें उनमें से केवल 813 परीक्षार्थी शामिल हुए। इन अभ्यर्थियों को पांच मई को परीक्षा शुरू होने में देरी के कारण छह केंद्रों पर समय की हानि की भरपाई के लिए एनटीए ने ग्रेस मार्क्स दिए थे। आरोप हैं कि इससे अंकों में वृद्धि हुई और ग्रेस मार्क्स पाने वाले हरियाणा के एक ही केंद्र के छह परीक्षार्थियों समेत कुल 67 परीक्षार्थियों ने 720 अंक हासिल किए।