पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नीलाचल पहाड़ी स्थित मां कामाख्या धाम में शनिवार से विश्व प्रसिद्ध अंबुवासी मेला शुरू हो रहा है। कल सुबह 8 बजकर, 43 मिनट और 39 सेकेंड पर मां कामाख्या की प्रवृति होने के साथ ही कामाख्या मंदिर सहित नीलाचल पहाड़ स्थित सभी देवी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। कामाख्या देवालय के मुख्य दलय कविंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा कि माता की प्रातः पूजा करने के बाद प्रवृति के निर्धारित समय पर मंदिर का मुख्य द्वार को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कल से सभी प्रकार की पूजा बंद रहेगी और 26 जून को निवृति के साथ ही मंदिर का कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख कामाख्या शक्ति पीठ है।  यह वह प्रसिद्ध मंदिर है, जहां माता सती का गुप्त भाग आकर गिरा था। कामाख्या पीठ को जाग्रत पीठ भी माना जाता है। यहां साल में अंबुवासी मेले के रूप में सबसे बड़ा त्योहार का आयोजन किया जाता है। इस पर्व के मौके पर भारत ही नहीं बल्कि कई देशों के तंत्र साधक यहां आकर अपनी साधना के सर्वोच्च शिखर को प्राप्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने आज कामाख्या धाम पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार कामरूप (मेट्रो) जिला प्रशासन अपने लाव लस्कर के साथ इस महोत्सव को सफल एवं शांति तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। उल्लेखनीय है कि अंबुवासी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा का चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। वहीं कामाख्या धाम जाने वाले मार्ग में जगह-जगह लाइटें लगाई गई हैं ताकि रात को भी भक्तों को यहां आने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो।