फिलहाल नीट परीक्षा विवादों में है, इसको लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जवाब तो दिया,लेकिन कई जवाब खुद में उलझे हुए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर नीट परीक्षा पर हो रहे विवाद पर अपनी बातें रखी और किसी भी तरह की धांधली से इनकार कर दिया। दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में धांधली हुई, पेपर लीक हुए और भ्रष्टाचार हुए। उल्लेखनीय है कि भारत में नीट परीक्षा का आयोजन पांच मई को कराया गया था। परीक्षा में शामिल होने के लिए 24 लाख से ज्यादा बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 23 लाख से ज्यादा बच्चे इसमें शामिल हुए थे। परिणाम 14 जून को घोषित होने थे, लेकिन परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था एनटीए ने 10 दिन पहले यानी चार जून को ही नतीजे घोषित कर दिए। इसी दिन लोकसभा चुनाव 2024 के भी परिणाम आए। परीक्षा परिणाम आने के बाद लोगों के होश तब उड़ गए, जब 67 छात्रों ने एक साथ टॉप किया। हुआ यूं कि इन सारे विद्यार्थियों ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए थे।
100 फीसदी अंक पहले भी विद्यार्थियों ने पाए थे, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में शत-प्रतिशत अंक पाने वाले छात्र पहली बार थे। यह हैरान करने वाली बात थी। साथ ही हैरान करने वाली बात यह थी कि ये जो 67 टॉपर्स थे, उनमें से छह अभ्यर्थी ऐसे थे जो एक ही सेंटर के थे और यह सेंटर था हरियाणा के झज्जर जिले का। सिर्फ यही एक तथ्य हैरान नहीं कर रहा है। हैरानी इस बात पर भी है कि 720 अंक की परीक्षा में 718 और 719 अंक कैसे आ गए। परीक्षा में जितने प्रश्न पूछे जाते हैं, उनके हिसाब से ये संभव ही नहीं है। ऐसा इसलिए कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है। यानी अगर परीक्षा में एक प्रश्न गलत है, तो चार अंक तो मिलेंगे ही नहीं, एक अंक और कट जाएगा। यानी अगर कोई व्यक्ति सिर्फ एक सवाल गलत करे, तो भी उसके 715 अंक आएंगे,यही नहीं, नीट 2024 में पेपर लीक के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इस मामले में बिहार में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने का मामला सामने आया था, लेकिन एनटीए ने कोई कदम नहीं उठाया। हालांकि, पेपर लीक के आरोपों को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खारिज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, नीट परीक्षा में किसी प्रकार की धांधली, भ्रष्टाचार या पेपर लीक का कोई भी पुख्ता सबूत अभी तक सामने नहीं आया है। इससे संबंधित सारे तथ्य सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं और विचाराधीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीट परीक्षा मामले में एनटीए माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उचित कार्यवाही करने को कटिबद्ध है। ग्रेस मार्क्स वापस लिए जाएंगे। परीक्षा के दौरान कई सेंटरों पर पेपर बांटने में भी देरी हुई, छात्रों ने हंगामा किया। बाद में ऐसे ही छात्रों को अतिरिक्त अंक, यानी ग्रेस मार्क्स देने की बात कही गई और इसी ग्रेस मार्क्स की वजह से नतीजे प्रभावित हुए हैं।
ग्रेस मार्क्स किस नियम से दिए जा रहे हैं, एनटीए के पास इसका कोई जवाब नहीं है। इस मामले में कुछ अभिभावक इस साल हुई नीट परीक्षा को रद्द करने और इसे दोबारा कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर एनटीए से जवाब मांगा। 13 जून को केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि नीट-यूजी 2024 की परीक्षा में शामिल हुए 1,563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देने का फैसला रद्द कर दिया गया है। इन उम्मीदवारों को 23 जून को दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इसका नतीजा 30 जून को आएगा। केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि एमबीबीएस और बीडीएस समेत बाकी कोर्स में दाखिले के लिए काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू होगी। हालांकि, कोर्ट ने दाखिले की काउंसलिंग प्रक्रिया को रोकने से इनकार कर दिया है। उधर, दोबारा परीक्षा कराए जाने की मांग को लेकर दिल्ली समेत कई शहरों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।