बिगड़ती जीवनशैली और खानपान की खराब आदतें, आज के समय में महिलाओं के बीच असंतुलित हार्मोन्स का कारण बन रही है। असंतुलित हार्मोन्स कई बार महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स के दौरान गंभीर दर्द, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अनचाहे बाल, कील-मुंहासे, पीसीओएस, थायराइड डिसऑर्डर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करने लगते हैं। जो आगे चलकर महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बनने लगती हैं। अगर आपके शरीर में भी हार्मोन्स का लेवल बिगड़ गया है तो तुरंत इन 5 चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर लें।
हार्मोनल असंतुलन के कारण- शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बिगडऩे के पीछे कई अलग-अलग कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। जो शरीर में हार्मोन्स और ग्रंथियों को प्रभावित कर सकते हैं। असंतुलित हार्मोन्स के समाधान के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें
वर्जिन कोकोनेट ऑयल- वर्जन नारियल का तेल इंसुलिन और थायराइड हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करता है। बता दें, नारियल के तेल का सेवन करने के लिए आप उसमें भोजन पका सकते हैं।
हल्दी- जर्नल ऑफ फूड साइंस के अनुसार, हल्दी बेहद एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंटों में से एक है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन, हार्मोनल स्थितियों, विशेष रूप से पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम में बहुत फायदेमंद हो सकता है।
कच्ची घानी सरसों का तेल- वर्जिन कोकोनेट ऑयल की ही तरह कच्ची घानी सरसों के तेल को भी खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह शरीर की सूजन को कम करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकता है। जिससे इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है और हार्मोन्स का संतुलन बना रहता है।
कद्दू-अलसी के बीज- पंपकिन सीड में प्रचूर मात्रा में जिंक मौजूद होता है जो पीरियड में होने वाले दर्द को कम करता है। इसके अलावा कद्दू के बीज में मौजूद फाइटोएस्ट्रोजेन एस्ट्रोजन लेवल को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। बात अगर अलसी के बीच की करें तो यह शरीर में हार्मोन को संतुलित करने का काम बखूबी करता है।