नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सभी नवनियुक्त मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। उन्होंने अपनी नई मंत्रिपरिषद में वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री, अमित शाह को गृह मंत्री, निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री और एस. जयशंकर को विदेश मंत्री के पद पर बरकरार रखा है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए नए मंत्रियों में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि और किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास विभाग, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को स्वास्थ्य के साथ ही रसायन व उर्वरक विभाग और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को ऊर्जा विभाग दिया गया है। नितिन गडकरी सड़क परिवहन मंत्री, जबकि धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने रहेंगे। किरेन रिजीजू को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से संसदीय कार्य मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि अर्जुन राम मेघवाल कानून मंत्री बने रहेंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार सर्बानंद सोनोवाल पोत परिवहन मंत्रालय का जिम्मा संभालते रहेंगे। कैबिनेट मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच.डी कुमारस्वामी को भारी उद्योग और इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, जद (यू) के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को पंचायती राज और मत्स्यपालन, पशुपालन एवं दुग्ध मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बनाया गया है। पीयूष गोयल वाणिज्य और उद्योग मंत्री बने रहेंगे,जबकि पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए तेदेपा नेता राम मोहन नायडू को नागर विमानन मंत्रालय सौंपा गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंत्रालय में बदलाव करते हुए उन्हें संचार मंत्री बनाया गया है। उन्हें पूर्वोत्तर मामलों के मंत्रालय (डोनर) की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिछली सरकार में वह नागर विमानन मंत्री थे। कैबिनेट मंत्री अश्विनी वैष्णव नए सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। इसके साथ ही वह रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे। मोदी और 71 मंत्रियों ने रविवार को राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। दूसरी ओर  ‘हाईवे मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी को लगातार तीसरी बार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बनाया गया है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। महाराष्ट्र के नागपुर के 67 वर्षीय नेता गडकरी सबसे लंबे समय तक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नई सरकार में भी वह फिर से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे।  पिछले 10 साल में देश में 54,858 किलोमीटर से अधिक लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का श्रेय गडकरी को दिया जाता है। उनके नेतृत्व में सड़क मंत्रालय का लक्ष्य इस साल दिसंबर तक 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी माने जाने वाले पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने नागपुर सीट से लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव जीता है। उधर  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के नवगठित केंद्रीय मंत्रिमंडल में बिजली मंत्री नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। खट्टर बिजली मंत्री के तौर पर आर के सिंह की जगह लेंगे जो बिहार के आरा से लोकसभा चुनाव हार गए थे। उत्तर गोवा क्षेत्र से निर्वाचित श्रीपद यसो नाइक को बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का राज्यमंत्री नियुक्त किया गया है। बिजली मंत्री के तौर पर खट्टर को देशभर में बिजली उत्पादकों के सामने आने वाली उच्च बिजली मांग और कोयला आपूर्ति के मुद्दों सहित विभिन्न मुद्दों से निपटना होगा। इधर  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चार साल से अधिक समय तक पार्टी का नेतृत्व करने वाले जेपी नड्डा को सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। नड्डा ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ये दोनों विभाग मनसुख मांडविया के पास थे। वर्ष 2019 में भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी नड्डा के पास यही विभाग था। अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद नड्डा भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। नड्डा का भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल जनवरी में ही समाप्त हो गया था, लेकिन वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि और किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास विभाग सौंपा गया है। बताते चलें कि मध्य प्रदेश के सीएम रहते हुए चौहान ने किसानों और ग्रामीण विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है, उनके उसी अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर लाभ लेने के लिए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी गई है।