पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : नरेंद्र मोदी कैबिनेट के शपथ ग्रहण से ठीक पहले स्मृति ईरानी को लेकर चर्चा हो रही है।  2014 में राहुल गांधी से हार के बावजूद पूर्व सीरियल एक्ट्रेस स्मृति ईरानी ने मुस्कुराते हुए मंत्री पद की शपथ ली थी। 2019 में राहुल को हराने वाली स्मृति को मंत्री बनाया गया थ॥ उच्च माध्यमिक शिक्षा उत्तीर्ण करने वाली स्मृति ईरानी मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में दो साल तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी रहीं। बाद में उन्होंने कई  विभाग संभाले।

मंत्रालय के दफ्तर संभालने वाली स्मृति ईरानी ने संसद में विपक्ष को माकूल जवाब देने में भी माहिर है। गौरतलब है कि स्मृति ईरानी ने सदन में राहुल गांधी द्वारा उन्हें फ्लाइंग किस देने का नाटक करके गैर-मुद्दों को मुद्दों के रूप में स्थापित करके हमेशा प्रचार का ध्यान अपने पक्ष में रखा है।अधिकांश लोगों का दावा है कि स्मृति ईरानी रविवार को सीमित कैबिनेट के सदस्य के रूप में शपथ लेंगी। हालांकि, सच्चाई का पता लगाने के लिए रविवार शाम तक इंतजार करना होगा।

लेकिन भाजपा के कुछ करीबी लोगों के मुताबिक इस बार स्मृति ईरानी को पहले मंत्रालय नहीं मिलेगा। इसका मतलब यह है कि रविवार को उनके मंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना नहीं है। इसके विपरीत भाजपा के करीबी सूत्रों ने कहा कि स्मृति ईरानी जल्द ही राज्यसभा सदस्य के रूप में चुनी जाएंगी। क्योंकि सदन में स्मृति ईरानी की जगह भरने के लिए उनके समान वाकपटु और कोई महिला सांसद भाजपा में नहीं हैं। ऐसी अटकलें हैं कि वे जल्द ही असम से सांसद चुनी जाएंगी। स्मृति ईरानी असम की खाली हुई सर्वानंद सोनोवाल की राज्यसभा सीट भरेंगी।