बुधवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण और गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही सभी संकटों को दूर करने करने के लिए व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। सनातन धर्म में बुधवार के दिन का बेहद खास महत्व है। क्योंकि इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण और गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही सभी संकटों को दूर करने करने के लिए व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। अगर आप भी गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद गणेश जी की विधिपूर्वक उपासना करें।

भगवान गणेश की पूजा विधि - बुधवार को सुबह जल्दी उठें और भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें। अब एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और गणेश जी की प्रतिमा विराजमान करें। अब प्रभु को माला और दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद देशी घी का दीपक जलाएं और आरती करें। गणेश चालीसा का पाठ और मंत्रों का भी जप करें। अंत में बूंदी का लड्डू या फिर मोदक का भोग लगाएं। गरीब लोगों में अन्न, धन और भोजन का दान करें।

इन चीजों का लगाएं भोग - ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश को गणेश जी लड्डू प्रिय है। ऐसे में उन्हें मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। इसके अलावा फल, खीर और मिठाई का भी भोग लगा सकते हैं। मान्यता है कि इन चीजों का भोग लगाने से प्रभु प्रसन्न होते हैं।

भोग लगाते समय इस मंत्र का जप जरूर करें - 

त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।।

इस मंत्र के द्वारा भगवान को भोग लगाते समय प्रार्थना करें कि गणपति बप्पा हमारा भोग स्वीकार करें और हम पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।