गुवाहाटीः असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और 11 जिलों में 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘रेमल’ के परिणामस्वरूप हुई भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में सड़क एवं रेल संपर्क कट गया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सर्वाधिक प्रभावित कछार जिले में, मौसम की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। इसमें कहा गया है कि निर्धारित सेमेस्टर और पूरक परीक्षाएं कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित की जाएंगी। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कार्बी आंगलोंग, धीमाजी, होजई, कछार, करीमगंज, डिब्रूगढ़, नगांव, हैलाकांदी, गोलाघाट, पश्चिम कार्बी आंगलांग और डिमा हसाओ जिलों में करीब 3.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 3,000 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है, वहीं जोखिम वाले इलाकों में फंसे लोगों को निकालने में कई बचाव एजेंसियां जुटी हुई हैं। कछार जिले में 1,19,997 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद नगांव (78,756), होजई (77,030) और करीमगंज (52,684) का स्थान है। राज्य में 28 मई से बाढ़, बारिश और तूफान के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 12 पहुंच गई है। लगातार बारिश होने के कारण बराक घाटी और दीमा हसाओ में रेल और सड़क संपर्क बाधित हो गया है। मेघालय में राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने के कारण कई वाहन फंसे हुए हैं तथा बराक घाटी का राज्य और क्षेत्र के बाकी हिस्सों से सड़क संपर्क टूट गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार, कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं या उन्हें बीच में ही रोक दिया गया है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘रेमल’ के प्रभाव के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय से पहले असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में प्रवेश कर गया है। राज्य के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान किया गया है।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 11 जिलों में 3.5 लाख लोग प्रभावित