पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : भारतीय मौसम विभाग ने करीब एक सप्ताह पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के कारण बना चक्रवाती तूफान रेमल बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में तबाही मचाएगा और असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों को प्रभावित करेगा। आखिरकार चेतावनी के मुताबिक 28 मई की शाम तक असम समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य कमोबेश तूफान से प्रभावित हुए। इसके साथ ही पिछले चार दिनों से असम समेत कई पूर्वोत्तर राज्यों में मध्यम से भारी बारिश हो रही है। गुवाहाटी के बोरझार स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार शाम को जानकारी दी कि हालांकि विनाशकारी तूफान का अब कोई खतरा नहीं है लेकिन अगले पांच दिनों तक मौसम लगभग अपरिवर्तित रहेगा।
आमतौर पर 6.5 सेमी या 65 मिमी से अधिक वर्षा को भारी वर्षा के रूप में परिभाषित किया जाता है। असम में गुरुवार को बराक घाटी की राताचेरा में 18 सेमी वर्षा हुई जो अब तक सबसे अधिक है। इसके अलावा बराक घाटी के अधिकांश भागों में 9 सेमी से 12 सेमी तक वर्षा हुई। दूसरी ओर डिमा हसाओ के जिला मुख्यालय हाफलोंग शहर में 13 सेमी बारिश हुई। पूर्वोत्तर में मेघालय के मौसिनराम में सबसे अधिक 66 सेमी वर्षा हुई। इसके अलावा मेघालय के अधिकांश हिस्सों में 7 से 35 सेमी के बीच बारिश हुई है। इस बीच बारिश समेत बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है। केवल चार दिन पहले तक, असम के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 से 9 डिग्री सेल्सियस अधिक था और लोगों को चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ रहा था।
हालांकि, पिछले चार दिनों से ज्यादातर इलाकों में तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है और लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। गुरुवार को राज्य के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान गुवाहाटी में 30.5 डिग्री सेल्सियस, डिब्रूगढ़ में 26.8 डिग्री सेल्सियस, तेजपुर में 28.0 डिग्री सेल्सियस, धुबरी में 26.2 डिग्री सेल्सियस और जोरहाट में 28.8 डिग्री सेल्सियस और उत्तरी लखीमपुर में 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बीच, मौसम कार्यालय ने अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और कमोबेश गरज के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की है।
दूसरी ओर केंद्रीय जल आयोग के गुवाहाटी कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि पिछले चार दिनों से असम सहित सभी पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र सहित सभी नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। मेघालय से डिमा हसाओ जिले से होते हुए नगांव तक बहने वाली कपिली नदी का जलस्तर खतरे के स्तर से ऊपर है। गुरुवार की शाम कपिली नदी का जलस्तर खतरे के निशान 60.50 मीटर को पार कर 61.76 मीटर से ऊपर बह रहा है। यही स्थिति बराक घाटी के कई गांवों में हो रही है।
केंद्रीय जल आयोग ने कहा कि अगले 24 घंटों में कपिली नदी का जल स्तर और बढ़ेगा। पिछले 24 घंटों में ब्रह्मपुत्र का जलस्तर भी बढ़ गया है। गुरुवार शाम तक डिब्रूगढ़ और जोरहाट में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से थोड़ा नीचे बह रही है। केंद्रीय जल आयोग ने कहा कि भूटान, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड की सभी नदियों और सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगर आने वाले दिनों में बारिश बढ़ती है तो राज्य के गहरे इलाके पहले बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।