पूर्वांचल प्रहरी टीम गुवाहाटी : चक्रवाती तूफान रेमल के परिणामस्वरूप असम की बराक घाटी और दीमा हसाओ के तीन जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसी क्रम में आज बुधवार को कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं घटीं, उनमें गुवाहाटी और विलासीपाड़ा में दो बच्चों की मृत्यु हो गई। इसी कड़ी में आज बुधवार की सुबह करीब 7 बजे बिलासीपाड़ा में छात्रों और अभिभावकों से भरी एक ऑटो सड़क पर गिर गई, जिससे एक छात्र की मौत हो गई और अभिभावक सहित 11 छात्र घायल हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 मई को अत्यधिक गर्मी के कारण धुबड़ी के जिला आयुक्त के कार्यालय से डीपीडी-172/2024/शिक्षा/1(ए) निर्देशानुसार प्राइमरी स्कूल से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक सुबह 7-30 बजे से पढ़ाई शुरू करने का आग्रह किया गया था। इसलिए विद्यार्थी सुबह 7 बजे से स्कूल पहुंच रहे थे। बुधवार सुबह एएस-17-बी-6640 नंबर के एक यात्री ऑटो अभिभावकों सहित 12 छात्रों को लेकर गौरांग नगर क्षेत्र के जामदुआर गांव से बिलासीपाड़ा स्थितं शंकरदेव शिशु और विद्या निकेतन जा रहा था। रास्ते में बिलासीपाड़ा नगर पालिका के अंतर्गत वार्ड नं. 9 में बनियापाड़ा नामक स्थान  पर स्टेट हाईवे पर एक गाय को बचाने जाकर यात्री ऑटो सड़क पर गिर गया। रेमल के तेज तूफान के कारण ऐसा हुआ।

नतीजतन स्कूल की बिलासीपाड़ा उपमंडल के 12 छात्र और उनके अभिभावक गंभीर रूप से घायल हो गए।  स्थानीय लोगों ने घायलों को बिलासीपाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों ने जामदुआर गांव के रहने वाला तथा पहली कक्षा के छात्र शुभंकर बर्मन (7) को मृत घोषित कर दिया। शुभंकर की मां दीप्ति बोरा बर्मन को तीन जगहों पर हड्डियां टूटने और गंभीर चोटों के कारण कोकराझार अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण आगे के इलाज के लिए बंगाईगांव के लोअर असम अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों में 9वीं कक्षा की छात्रा रिंकू बर्मन, तीसरी कक्षा की छात्रा रिया बर्मन, 8वीं कक्षा की छात्रा रूपाली राय, चौथी कक्षा की छात्रा पुष्पिता बर्मन, आठवीं कक्षा के छात्र द्विपज्योति बर्मन, 9वीं कक्षा के छात्र कुलदीप बर्मन, पहली कक्षा के छात्र दीक्षासु बर्मन तथा अभिभावक जया बर्मन और चंदना बर्मन शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि तेज तूफान और बारिश के कारण राज्य के 12 जिलों में शैक्षणिक संस्थान बुधवार को बंद होने के बावजूद धुबड़ी जिले के शिक्षण संस्थानों में कोई बंद नहीं था।

एक बच्चे की दुखद मौत और छात्रों और अभिभावकों सहित 11 लोगों के घायल होने के बाद विभिन्न दलों और जागरूक मंडलों ने धुबड़ी जिले के शिक्षा विभाग की कड़ी आलोचना की है। वहीं दूसरी ओर बुधवार सुबह करीब सात बजे बिलासीपाड़ा में रेमल के प्रभाव से अचानक तेज तूफान आ गया जिसके कारण बड़े-बड़े पेड़ों को उखाडऩे में बिलासीपाड़ा-बेलतली राज्य राजमार्ग में यातायात प्रतिबंधित हो गया है। दूसरी ओर गुवाहाटी से हमारे कार्यालय संवाददाता के मुताबिक महानगर में रेमल चक्रवाती तूफान के दौरान भारी बारिश के कारण कहीं पेड़ गिरने जानमाल का नुकसान हुआ  तो दूसरी ओर इसमे एक छात्र की मौत हो गई। तूफान और भारी बारिश के एक दिन बाद गुवाहाटी के पहाड़ी तथा अन्य इलाके में अब भू-स्खलन का खतरा बढ़ गया है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार की सुबह गुवाहाटी के लालगणेश स्थित कृृष्ण नगर में भू-स्खलन की वजह से एक दो साल के बच्चे की मौत हो गई। इस पीड़ा दायक घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उदालबकरा थाना के अंतर्गत लालगणेश स्थित कृृष्ण नगर में टीना का एक घर बनाकर दिलीप दास नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता था। उसके घर के पीछे एक लंबी और ऊंची दीवार थी। बारिश होने की वजह दीवार के निचले हिस्से से मिट्टी हट गई थी और बाद वह  वह दीवार आज सुबह दिलीप दास के घर पर गिर गया। पुलिस का कहना है कि उस दौरान दिलीप दास का दो वर्षीय पुत्र घर के अंदर में था,जो इस भू-स्खलन की चपेट में आ गया।

पुलिस का कहना है कि भू-स्खलन से दो साल के बच्चे की मौत के बाद मौके पर पुलिस पहुंच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दीवार अवैध तरीके से निर्माण की गई थी और इसके पीछे कौन है? उल्लेखनीय है कि रेमल तूफान के दौरान हुई भारी बारिश से गुवाहाटी के पहाड़ी इलाकों के साथ ही समतल इलाकों में भी भू-स्खलन का खतरा बढ़ गया है। हालांकि कामरूप (मेट्रो) जिला प्रशासन की ओर से बारिश का मौसम शुरू होने के साथ लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का कार्यक्रम कर रहा है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि लोग अपने जान का दुश्मन खुद बना हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से लगातार संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील किए जाने के बाद भी वे नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में कई ऐसे संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील इलाके पहचान की गई है। 

उधर अधिकारियों के मुताबिक राज्य के अन्य प्रभावित जिलों में बुधवार को रुक-रुक कर बारिश होने और गरज के साथ बौछारें पडऩे की खबरें मिली हैं। बराक घाटी के करीमगंज, कछार और हैलाकांडी जिलों में बराक नदी तथा इसकी सहायक नदियां लोंगई, कुशियारा, सिंगला और कटाखल कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन जिलों के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत सामग्री मुहैया कराई गई है। गंभीर रूप से प्रभावित दीमा हसाओ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन ठप्प हो गया है, जिससे पूरे जिले में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हरंगाजाओ के पास एक हिस्सा बह जाने के बाद हाफलोंग-सिलचर सड़क पूरी तरह से कट गई है,जबकि हाफलोंग-हरंगाजाओ मार्ग कई भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है। हरंगाजाओ क्षेत्र में कई यात्री वाहन फंसे हुए हैं, स्थानीय लोग फंसे हुए यात्रियों को भोजन और आश्रय प्रदान कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि माहुर और लाइसोंग के बीच की सड़क पूरी तरह बह गई है, जिससे लाइसोंग गांव अलग-थलग पड़ गया है।