पूर्वांचल प्रहरी टीम गुवाहाटी/एजल/इटानगर, कोहिमा : चक्रवात रेमल के कारण पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्य प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश के कारण इन राज्यों के कई इलाकों में जलभराव हो गया। नदियों का पानी बढऩे से सड़कें बह गईं, जिससे सामान्य जनजीवन काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में भूस्खलन के कारण इमारतें ढह गईं, इसका सबसे ज्यादा असर मिजोरम में देखा गया जहां 22 लोगों की मौत की खबर है। खबर लिखे जाने तक मौत की संख्या और बढऩे का अंदेशा व्यक्त की गई। मिली जानकारी के मुताबिक मिजोरम में रेमल चक्रवात के प्रभाव के चलते मूसलाधार बारिश और भूस्खलनों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 13 की मृत्यु पत्थर खदान धंसने से हुई है। मिजोरम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एमएसडीएमए) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एक भीषण भूस्खलन के कारण एजल जिले में पत्थर की खदान धंसने से दो नाबालिगों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य लापता हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि घटना आइजोल शहर के दक्षिणी बाहरी हिस्से में स्थित मेल्थम और ह्लिमेन के बीच के इलाके में सुबह करीब छह बजे हुई।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं और आठ लोग अब भी लापता हैं। पत्थर की खदान धंसने से मरने वालों में चार साल का लड़का और छह साल की लड़की भी शामिल हैं। एजल के उपायुक्त नाजुक कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि जब तक मलबा साफ नहीं हो जाता, तब तक तलाश अभियान जारी रहेगा। इससे पहले दिन में पुलिस महानिदेशक अनिल शुक्ला ने दावा किया था कि धंसी पत्थर खदान से 17 शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमें संदेह है कि 6-7 लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण आपदा स्थल पर बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि एजल के सेलम वेंग में भूस्खलन से एक इमारत बह गई, जिसके बाद तीन लोग लापता हो गए, और उनकी तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि हुनथर में राष्ट्रीय राजमार्ग छह पर भूस्खलन के कारण एजल देश के बाकी हिस्सों से अलग हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा कई अंतर-राज्य राजमार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए गृह मंत्री के सपडांगा, मुख्य सचिव रेनू शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने खदान ढहने और बारिश के कारण हुई आपदाओं में मारे गए लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने खदान ढहने से मारे गए आठ मिजो लोगों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये के चेक सौंपे और कहा कि शेष राशि उन्हें जल्द ही दी जाएगी। गृह मंत्री के सपडांगा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि चार गैर-आदिवासी लोगों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। यदि वे मिजोरम के स्थायी निवासी हैं, तो उन्हें अनुग्रह राशि दी जाएगी। यदि वे अस्थायी रूप से काम करने के लिए यहां आए हैं, तो उनके परिवार को कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। लालदुहोमा ने कहा कि सरकार ने चक्रवात रेमल के परिणामस्वरूप हुई बारिश से संबंधित आपदाओं से निपटने के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।
बाद में लालदुहोमा ने आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के मंत्री सपडांगा के साथ स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्यों की निगरानी करने के लिए पत्थर खदान स्थल का दौरा किया। बारिश के कारण सभी स्कूल बंद कर दिए गए है और आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों को छोड़कर सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एजल से लगभग 21 किलोमीटर दूर सैरांग गांव में तलावंग नदी में अभूतपूर्व बाढ़ के कारण 30 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नदी के किनारे स्थित कई खेत पानी में डूब गए हैं। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। एजल शहर में, कुछ कब्रिस्तान भी भूस्खलन से बह गए हैं, और 150 से अधिक कब्रें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। दूसरी ओर कोहिमा से मिली खबर के मुताबिक भारी बारिश में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। चक्रवात के दौरान हुई भारी बारिश के कारण मेलुरी उपसंभाग के लारुरी गांव में सात साल का एक लड़का डूब गया, जबकि दो अन्य लोगों के सोमवार को वोखा जिले के डोयांग बांध में डूबने की सूचना है। फेक जिले के रेकीजु वार्ड में दीवार गिरने पर एक बुजुर्ग व्यक्ति की उसकी चपेट में आने से मौत हो गई। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को मकानों एवं संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचने की पूरे प्रदेश से सूचना मिली है। ईटानगर से मिली खबर के मुताबिक मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडु ने मंगलवार को राज्य के लोगों से सभी एहतियाती कदम उठाने और तूफान से प्रभावित क्षेत्रों से बचने का अनुरोध किया। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को कुरुंग कुमेय, निचला सुबनसिरी, शि-योमी, पश्चिम सियांग, लोहित, चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग जिले में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। पक्के-केसांग, पापुम पारे, सियांग, लोहित, पूर्वी कामेंग, पश्चिमी कामेंग, कुरुंग कुमेय, पश्चिमी सियांग और निचली दिबांग घाटी जिले में भी 29 और 30 मई को बिजली गरजने और भारी बारिश की संभावना है। भारी बारिश के कारण मणिपुर के भी कई इलाके जलमग्न हो गए, इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। पूर्वी इंफाल जिले के जलभराव के कारण एंड्रो पार्किंग, चेकॉन, महाबली और वांगखेई में यातायात प्रभावित हुआ। फिलहाल राज्य में किसी के भी हताहत होने या मौत की सूचना नहीं मिली है। एक अधिकारी ने बताया कि एनएस 37 इंफाल-सिलचर राजमार्ग पर कांगपोकपी जिले के सिनम गांव के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक खाई में गिर गया।