हेल्दी और तंदरुस्त रहना तो सभी चाहते हैं लेकिन कई बार कुछ बीमारियां चुपके से शरीर में आ जाती हैं। जिनके शुरुआती लक्षण काफी सामान्य से होते हैं। लेकिन अगर इन्हें पहचान लिया जाए तो गंभीर बीमारी का रूप लेने से बचाया जा सकता है। अगर आपकी सेहत में भी इस तरह के बदलाव दिख रहे हैं तो उन्हें अनदेखा ना करें, बल्कि सही लाइफस्टाइल और उपचार की मदद से फौरन ठीक करें।

अचानक से वेट लॉस : आप वजन घटाने की सोच रहे हैं लेकिन अचानक से बिना किसी एक्स्ट्रा एफर्ट के ही वजन घटना शुरू हो गया तो ये स्वास्थ्य समस्याओं की निशानी है। हाइपरथायराइड, डायबिटीज, डिप्रेश, लिवर डिसीज, कैंसर या कुछ अन्य दिक्कतों की वजह से शरीर का वजन बिना किसी एक्सरसाइज या डाइट के ही घट जाता है। अगर 6-12 महीने के बीच में शरीर का वजन 5 प्रतिशत तक कम हो जाता है तो फौरन डॉक्टर की सलाह लें।

बार-बार फीवर : फीवर आने का मतलब है कि आपका शरीर इंफेक्शन से लड़ रहा है। लगातार फीवर हो रहा या फिर कुछ दिन ठीक होने के बाद फिर से बुखार हो जाता है। तो इसका मतलब की शरीर में इंफेक्शन हो गया है। बुखार के साथ खांसी, कमजोरी हो रही तो डॉक्टर से जरूर मिलें। कोविड के अलावा कई बार बुखार आने की वजह यूरिन इंफेक्शन, टीबी, टायफाइड या कुछ दवाएं हो सकती हैं। इसलिए लगातार तीन दिन से ज्यादा अगर बुखार होता है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

सांस लेने में दिक्कत : मोटापा, गर्मी या ज्यादा एक्सरसाइज की वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है। लेकिन अगर इन सबके अलावा भी सांस लेने में तकलीफ होती है तो ये समस्या अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हाई बीपी, लंग में ब्लड क्लॉट या हार्ट से जुड़ी समस्या की वजह से हो सकती है। इसलिए सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर से चेकअप जरूरी होता है।

डाइजेशन में बदलाव : अगर शरीर में अचानक से कब्ज रहने लगता है या फिर डायरिया की समस्या कई दिनों तक बनी है तो ये पेट में इंफेक्शन की वजह हो सकता है। लगातार पेट में दर्द, स्टूल का कलर चेंज होने पर ये इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, कोलन कैंसर की वजह से हो सकता है।

व्यवहार में बदलाव : सोचने, समझने या फोकस करने में दिक्कत हो रही। या फिर खुद के व्यवहार में बदलाव महसूस हो रहा है तो ये इंफेक्शन, डिहाइड्रेशन, खराब न्यूट्रिशन, मेंटल हेल्थ की वजह से हो सकता है।

थोड़ा सा खाने के बाद ही पेट भरा महसूस होना : अगर आपको भूख नहीं लग रही या थोड़ा सा खाते ही पेट भरा लगने लगता है। इसके साथ ही ब्लॉटिंग, मितली, उल्टी हो रही तो पेट की गंभीर समस्याओं की ओर इशारा करते हैं।