देश के आठ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 49 लोकसभा क्षेत्रों से कुल 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 20 मई के मतदान के साथ ही उन सभी का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। इन 49 में से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से 14, महाराष्ट्र से 13, पश्चिम बंगाल से सात, बिहार और ओडिसा से पांच-पांच, जम्मू कश्मीर से 1 तथा लद्दाख से 1 लोकसभा क्षेत्र में मतदान हुआ है। बाकी के चारणों की तरह पांचवें चरण में भी मतदान का प्रतिशत कम रहा है। लेकिन जम्मू कश्मीर के बड़ामुला एवं लद्दाख संसदीय क्षेत्र में पिछले कई वर्षों का रिकार्ड टूट गया है। बरामुला में शाम पांच बजे तक 54.21 प्रतिशत तथा लद्दाख में 67.15 प्रतिशत मतदान हो चुका था। आतंक प्रभावित श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र में पहले ही 37.99 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह क्षेत्र आतंक प्रभावित क्षेत्र था जहां लोग मतदान केंद्र पर जाने से डरते थे। पांचवां चरण भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्र बना हुआ है। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने 49 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पांचवें चरण में लखनऊ से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रायबरेली से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, बरामुला से नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्ब्दुल्ला, मुंबई उत्तर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हाजीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सुप्रीमो चिराग पासवान तथा पश्चिम बंगाल के बनगांव से केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर प्रतिद्वंदिता कर रहे हैं। पांचवें चरण की अहमियत इसलिए भी और ज्यादा है क्योंकि यहां रायबरेली और अमेठी से गांधी परिवार की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार राहुल गांधी तथा रायबरेली क्षेत्र चुनावी मैदान में हैं। रायबरेली गांधी परिवार का गढ़ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी तथा सोनिया गांधी रायबरेली से प्रतिद्वंदिता करती रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी संसदीय क्षेत्र से शिकस्त के बाद राहुल गांधी अमेठी छोड़कर रायबरेली पहुंच गए हैं। हालांकि वे केरल के वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं। किंतु वहां से अपनी जीत सुनिश्चित होता न देख वे रायबरेली से भी अपनी किस्मत आजमा रह हैं। अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शुरू से ही अमेठी में डेरा डालकर चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। अब देखना है कि इस बार पांचवें चरण में भाजपा की जीत का प्रतिशत क्या रहता है। केंद्रीय गृहंमत्री अमित शाह पहले ही दावा कर चुके हैं कि चौथे चरण तक कुल 379 सीटों पर हुए मतदान के बाद भाजपा को 270 सीटें मिल रही हैं। अब पांचवें, छठे एवं सातवें चरण में पार्टी 400 पार की ओर बढ़ रही है। असली तस्वीर तो 4 जून को ही सामने आएगी। फिलहाल भाजपा बाकी के दो चरणों के लिए पूरा जोर लगा रही है। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर भारत में भारी सफलता मिली थी। इस बार उत्तर भारत में भाजपा को कुछ सीटों का नुकसान दिख रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि इसकी भरपाई उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं दक्षिण भारत के राज्यों से होगी। पांचवा चरण भाजपा के 400 पार के नारा को पूरा करने में कितनी बड़ी भूमिका निभाएगी, यह देखना बाकी है।