पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : दवा समेत रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। भाजपा-गठबंधन सरकार को राजनीतिक लाभ के लिए एक के बाद एक लाभार्थियों को वित्तीय सहायता से संतुष्ट करना पड़ रहा है। सरकार को राजस्व घाटा पूरा करने के लिए हर महीने हजारों करोड़ रुपए उधार लेने पड़ते हैं। हालाकि, भाजपा-गठबंधन सरकार ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के कार्यकाल के दौरान लगभग 1,00,000 बेरोजगारों की भर्ती की है। लेकिन राज्य में अब भी पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 20 लाख है।

इसी बीच असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) संयुक्त प्रतियोगी मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से सरकार 18 प्रतिशत टैक्स वसूल करने की योजना बनाई है। प्रत्येक बेरोजगार उम्मीदवार को प्रोसेसिंग शुल्क के अलावा सरकार को यह कर देना आवश्यक है।

असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) ने 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ मुख्य परीक्षा के लिए चयनित 2,898 उम्मीदवारों को आवेदन निर्देश जारी किए हैं। इस बार से भारत केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया के अंतर्गत एपीएससी ऑनलाइन भर्ती पोर्टल पर आवेदक फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होने पर परीक्षा शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क और प्रोसेसिंग शुल्क पर अतिरिक्त 18 प्रतिशत जीएसटी देय होगा। सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे के उम्मीदवारों, विकलांग और महिला उम्मीदवारों की फीस में छूट दी थी।

लेकिन अब उन्हें ऑनलाइन भर्ती पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा और उन्हें 40 रुपए का प्रोसेसिंग शुल्क और 18 प्रतिशत जीएसटी समेत कुल 47.20 रुपए चुकाने होंगे। इसके विपरीत, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 250 रुपए आवेदन शुल्क, 40 रुपए प्रोसेसिंग शुल्क और 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल 297.20 रुपए का भुगतान करना होगा। इसी तरह एसटी, एसटी, ओबीसी और एमओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 150 रुपए निर्धारित किया गया है और इस शुल्क के साथ 40 रुपए का अतिरिक्त प्रोसेसिंग शुल्क और 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल शुल्क 197.20 रुपए भुगतान करना होगा।