गुवाहाटी : असम में 14 लोकसभा क्षेत्रों में मैराथन चुनाव प्रचार के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा पड़ोसी राज्य उड़ीसा पहुंचे। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने उड़ीसा के मलकानगिरी में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रैली को संबोधित किया। डॉ. शर्मा ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में 400 सीटें जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। क्योंकि कांग्रेस राम मंदिर के बजाए बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कर सकती है। उन्होंने कहा कि लोग हमसे पूछते हैं कि हम 400 सीटें क्यों चाहते हैं। हम 400 सीटें इसलिए चाहते हैं क्योंकि कांग्रेस राम मंदिर के बजाए बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत में बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कभी न हो। इसलिए हमें 400 से ज्यादा सीटें देकर प्रधानमंत्री मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है। डॉ. शर्मा ने कहा, पहले कांग्रेस ने हमसे तारीख पूछी थी कि राम मंदिर कब बनेगा अब उन्होंने इसके बारे में पूछना बंद कर दिया है। कांग्रेस जानती है कि हम राम मंदिर पर नहीं रुकेंगे, हमें अपने देश के हर मंदिर को खोलना होगा हमारा एक लंबा एजेंडा है। उड़ीसा में प्रचार के बाद मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा चुनावी प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे। असम के सीएम हाल ही में बंगाल के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव अभियानों की श्रृंखला में व्यस्त हैं हर चुनावी रैली में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने अपने भाषणों में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। शक्रवार को एक चुनावी रैली में बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा, ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में सिर्फ लूट चल रही है। वे संदिग्धों के मामलों की जांच में हस्तक्षेप कर रही हैं। क्या ममता बनर्जी के पास लोगों के लिए कोई मुद्दा है? वे सिर्फ बंगाल में लूट करना जानती हैं। उनके पास कोई इसके अलावा और मुद्दा नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में किसी की नौकरी के लिए रिश्वत लेना स्वीकार्य नहीं है। वे नौकरी देने के बदले किसी से रिश्वत नहीं ले सकती, चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान। वे संदिग्धों के मामलों में भी अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है। इससे पता चलता है कि वह किसी तरह से संदिग्धों की घटना में शामिल हो सकता है। अन्यथा मामले में हस्तक्षेप क्यों करते रहें? गौरतलब है कि बंगाल में 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में चुनाव होंगे।