देश के 11 राज्यों के 93 लोकसभा क्षेत्रों के मतदान के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। मध्यप्रदेश के बैतूल क्षेत्र के बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के निधन के कारण वहां मतदान स्थगित कर दिया गया है। गुजरात के सूरत लोकसभा क्षेत्र से पहले ही भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। तीसरे चरण में सबसे ज्यादा गुजरात के 25 लोकसभा क्षेत्र, कर्नाटक के 14, महाराष्ट्र के 11, मध्यप्रदेश के 9, छत्तीसगढ़ के 7, असम के चार तथा गोवा के 2 लोकसभा क्षेत्र में मतदान होंगे। असम के चार लोकसभा क्षेत्र गुवाहाटी, बरपेटा, धुबड़ी एवं कोकराझाड़ में मतदान होगा। तीसरे और अंतिम चरण में कुल 47 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला राज्य के 81,77,207 मतदाता करेंगे। गुवाहाटी एवं कोकराझाड़ सीट पर सीधा मुकाबला है, जबकि बरपेटा एवं धुबड़ी में त्रिकोणीय मुकाबला है। केवल गुवाहाटी सीट से भाजपा की उम्मीदवार बिजुली कलिता मेधी प्रतिद्वंद्विता कर रही हैं, जबकि कांग्रेस की तरफ से मीरा बरठाकुर मैदान में हैं। भाजपा के सहयोगी दल अगप के उम्मीदवार फणिभूषण चौधरी बरपेटा से एवं जावेद इस्लाम धुबड़ी से चुनाव मैदान में हैं। इसी तरह यूपीपीएल के उम्मीदवार जयंत बसुमतारी भाजपा गठबंधन की तरफ से कोकराझाड़ से अपना किस्मत आजमा रहे हैं। बरपेटा में फणिभूषण चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के दीप बायन एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के मनोरंजन तालुकदार से है। इसी तरह धुबड़ी में कांग्रेस के रकिबुल हुसैन, एआईयूडीएफ के सुप्रीमो बदरूद्दीन अजमल एवं अगप के जावेद इस्लाम के बीच मुकाबला है। तीसरे चरण में सबसे ज्यादा बरपेटा से 14 तथा सबसे कम गुवाहाटी से आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। तीसरे चरण के लिए सभी दलों ने पूरी ताकत झोंकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुवाहाटी में रोडशो किया तथा नलबाड़ी में चुनावी रैली को संबोधित किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुवाहाटी में रोडशो किया, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी चुनाव प्रचार किया। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने सभी चार क्षेत्रों में धुआंधार चुनाव प्रचार किया था। इसी तरह कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव प्रियंका गांधी एवं प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने चुनाव प्रचार किया। माकपा की तरफ से महासचिव सीताराम येचुरी एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने अपने उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया। तीसरे चरण के दौरान विकास कार्यों के साथ-साथ बहुसंख्यक-अल्पसंख्यकों का मुद्दा भी छाया रहा। इसका कारण यह है कि बरपेटा एवं धुबड़ी लोकसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक निर्णायक भूमिका में होंगे। यही कारण है कि भाजपा ने भी अल्पसंख्यक मतदाताओं पर डोरे डालने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया। देश के मतदाताओं को भारी संख्या में मतदान करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि  उनकीे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो सके। खासकर युवा मतदाताओं को विशेष रूप से आगे आने की जरुरत है, क्योंकि देश का भविष्य उन्हीं के कंधों पर आने वाला है।