गुवाहाटी : तीसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए राज्य के सभी चार लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा, कांग्रेस सहित सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तापमान बढऩे के साथ-साथ राजनीतिक तापमान का पारा भी चरम पर है, जहां तीखे आरोपों का दौर जारी है। असम की चार लोकसभा सीट गुवाहाटी, बरपेटा, धुबड़ी तथा कोकराझाड़ में कुल 47 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 7 मई को 8177207 मतदाता 9516 मतदान केंद्रों ईवीएम की बटन दबाकर पर करेंगे। तीसरे चरण के मतदाताओं में 4127099 पुरुष, 4084130 महिलाएं तथा 112 तीसरे जेंडर के मतदाता शामिल हैं। तीसरे चरण में केवल गुवाहाटी लोस क्षेत्र से भाजपा चुनाव लड़ रही है, जबकि बाकी की तीन सीटों पर भाजपा के सहयोगी दल अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

गुवाहाटी से भाजपा की उम्मीदवार बिजुली कलिता मेधी तथा कांग्रेस की मीरा बरठाकुर के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि बरपेटा क्षेत्र से भाजपा गठबंधन की तरफ से अगप उम्मीदवार फणिभूषण चौधरी का कांग्रेस के दीप बायन से टक्कर है, धुबड़ी में एआईयूडीएफ के सुप्रीमो बदरुद्दीन अजमल, अगप के उम्मीदवार जावेद इस्लाम तथा कांग्रेस के रकिबुल हुसैन के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। इसी तरह कोकराझाड़ में भाजपा गठबंधन की ओर से यूपीपीएल उम्मीदवार जयंत बसुमतारी, कांग्रेस के गजेन मुसाहारी तथा बीपीएफ के खंफा बरगयारी के बीच त्रिकोणीय लड़ाई दिख रही है। बरपेटा से सर्र्वाधिक 14, धुबड़ी से 13, कोकराझाड़ से 12 तथा गुवाहाटी से 8 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन चारों सीटों में से धुबाड़ी तथा बरपेटा सीट पर अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। तीसरे चरण में भाजपा के सहयोगी दलों अगप तथा यूपीपीएल की प्रतिष्ठा दांंव पर है।

भाजपा ने दूसरे चरण से ही असम में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), समान नागरिक संहिता (यूसीसी) तथा अल्पसंख्यक मामले को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। स्वदेशी या बहुसंख्यक समुदाय को आकर्षित करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा, अगप अध्यक्ष अतुल बोरा, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल धार्मिक अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने धार्मिक अल्पसंख्यक बहुल कई इलाकों में कहा है कि केंद्र तथा असम की सरकार सबका साथ-सबका विकास के तहत सभी संप्रदाय के लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में कहा था कि मोदी सरकार बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक की जगह भारतीय नागरिक के लिए काम कर रही है।

अतुल बोरा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा है कि कांग्रेस चाय जनजाति तथा अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है, उनका कल्याण नहीं करती। कांग्रेस ने भी तीसरे चरण के लिए अपने कई नेताओं गौरव गोगोई, प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस राज्य के धार्मिक अल्पसंख्यक मतदाताओं पर फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री ने भी चुनावी रैलियों में कहा है कि राज्य के 20 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता भाजपा गठबंधन को वोट देंगे।

अगप के नेता भी मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। प्रतिष्ठित गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र में जीत सुनिश्चत करने के लिए मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की टीम पूरी तरह मैदान में उतर चुकी है। कुल मिलाकर भाजपा गठबंधन धुबड़ी को छोड़ बाकी तीन क्षेत्रों को अपने कब्जे में रखने के लिए सबकुछ दांव पर लगा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण के बाद अपने प्रचार का लाइन बदल दिया है। वे सीधे तौर पर कल्याणकारी योजनाओं तथा आरक्षण के मुद्दे को बहुसंख्यक तथा अल्पसंख्यक समुदाय से जोड़कर मतदाताओं कों आकर्षित कर रहे हैं।