चीन एक तरफ बड़ी जंग की तैयारी में लगा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ अमरीका सहित चीन के पड़ोसी देश उसको घेरने के लिए चक्रव्यूह बनाने में जुटे हुए हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विजन है कि 2047 तक चीनी सेना को विश्व स्तर का अत्याधुनिक सेना बनाया जाए। चीन चाहता है कि वह अमरीका के मुकाबले बेहतर फौज तैयार कर सके, ताकि दुनिया में उसकी दादागिरी चल सके। चीन अपनी युद्धक शक्ति को बढ़ाने में सूचना एवं नेटवर्क की भूमिका को काफी महत्व दे रहा है। लगातार युद्धनीति में हो रहे बदलावों को देखते हुए चीनी सेना संरचनात्मक सुधारों का निरंतर परीक्षण कर रही है। साइबर, स्पेस, इलेक्ट्रॉनिक वार फेयर और इनफोर्मेशन वार फेयर का एकीकरण करने में चीन जुटा हुआ है। रूस-यूक्रेन एवं इजरायल-हमास युद्ध को देखते हुए दुनिया के बहुत-से देशों ने सबक ली है, जिसमें चीन भी शामिल है। इस वर्ष चीन ने अपने रक्षा बजट में 6 प्रतिशत की वृद्धि की है।

चीन के खतरनाक इरादे को देखते हुए अमरीका एवं चीन के पड़ोसी देश लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को परख रहे हैं। इसी कड़ी में फिलीपींस की सीमा से 200 किलोमीटर दूर अमरीका, फिलीपींस, आस्ट्रेलिया एवं फ्रांस सहित कुल पांच देश दक्षिण चीन सागर में बालीकाटान 2024 नामक संयुक्त युद्धाभ्यास कर रहे हैं। हालांकि इस तरह का युद्धाभ्यास पिछले 33 वर्ष से हो रहा है,किंतु 22 अप्रैल से शुरू हुआ युद्धाभ्यास का अलग सामरिक महत्व है। इसमें 14 देश पर्यवेक्षक के रूप में भाग ले रहे हैं, जिसमें भारत भी शामिल है।

इस संयुक्त युद्धाभ्यास में पांचों देशों के कुल 17,000 नौसैनिक हिस्सा ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास के दौरान समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा द्वीप को छुड़ाने का अभ्यास किया जाएगा। मालूम हो कि चीन ने फिलीपींस के कई द्वीपों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा जमा रखा है। हाल ही में फिलीपींस ने भारत से खरीदे गए ब्रह्मोस मिसाइल को चीनी सीमा के पास तैनात किया है। इस ब्रह्मोस मिसाइल का फिलहाल चीन के पास कोई जवाब नहीं है। वर्तमान युद्धाभ्यास में अमरीका की खतरनाक टायफून मिसाइल सिस्टम को परखा जाएगा, जिसका रेंज 1600 किलोमीटर है।

युद्धाभ्यास में कई युद्धपोत आर्टलरी आदि शामिल होंगे। चीन द्वारा ताइवान को लगातार दी जा रही धमकी को अमरीका ने गंभीरता से लिया है। चीनी सेना की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए अमरीका चीन के पड़ोसी देशों के साथ मिलकर उसको घेरने के लिए अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है। भारत भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। हाल ही में भारत ने स्मार्ट टॉरपिडो मिसाइल का परीक्षण किया है, जो पनडुब्बी एवं युद्धपोतों के लिए काल है। भारत का यह मिसाइल युद्ध के वक्त मजबूत चीनी नौसेना के लिए काल बन जाएगा। इसी तरह भारत चीनी सीमा पर अब अपनी सामरिक तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है।