इंफाल/गुवाहाटी : मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सुरक्षा बलों के एक शिविर पर शुक्रवार देर रात उग्रवादियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवान शहदी हो गए और दो अन्य कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि उग्रवादियों ने मोइरांग पुलिस थाना क्षेत्र के नारानसेना में आईआरबीएन (भारतीय आरक्षित वाहिनी) शिविर पर हमला किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उग्रवादियों ने पहाड़ी की चोटियों से शिविर को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की। 

गोलीबारी रात करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई और देर रात लगभग सवा दो बजे तक जारी रही। उग्रवादियों ने बम भी फेंके, जिनमें से एक बम सीआरपीएफ की 128 बटालियन की चौकी में फटा। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सीआरपीएफ के उप-निरीक्षक एन. सरकार और हेड कांस्टेबल अरूप सैनी के रूप में हुई है। नशीरूद्दीन सरकार भेल्ला, बरपेटा जिले और सैनी बांकुरा जिले के मूल निवासी थे। उन्होंने बताया कि हमले में निरीक्षक जादव दास(बरपेटा रोड) और कांस्टेबल आफताब हुसैन(नलबाड़ी) छर्रे लगने से घायल हो गए। अधिकारी ने कहा कि दोनों घायल जवानों को इंफाल स्थित क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है। वे खतरे से बाहर हैं।

यहां बता दें कि सीआरपीएफ जवानों को आईआरबीएन शिविर की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। पुलिस स्टेशन-मैरंग (मणिपुर) के अंतर्गत नारानसेना आउट पोस्ट के गार्ड हेतु सीआरपीएफ निरीक्षक / जीडी यादव दास के कमांड में बी / 128 कंपनी का एक प्लाटून तैनात है। यहां सीआरपीएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि आज दिनांक 27/04/2024 को रात लगभग 00:15 बजे अज्ञात आतंकवादियों ने नारानसेना आउट पोस्ट पर हमला किया और भारी मात्रा में गोली-बारी की। इसके जवाब में कैंप में मौजूद संत्रियों ने भी अज्ञात आतंकवादियों पर गोलीबारी की।

अज्ञात आतंकवादियों द्वारा हमले में बल संख्या: 913250999 उपनिरीक्षक/ जीडी नशीरूद्दीन सरकार और बल संख्या: 041587621 हवलदार / जीडी अरूप सैनी ने अपने कर्तव्य का निर्वाहन करते हुए देश के प्रति सर्वोच्च बलिदान देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए और बल संख्या: 851151984 निरीक्षक / जीडी जादव दास एवं बल संख्या: 075134304 सिपाही/ जीडी आफताब हुसैन जख्मी हुए और उनका उपचार वर्तमान में रिम्स अस्पताल, इंफाल में चल रहा है। आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के उपरांत हवलदार / जीडी अरूप सैनी का पार्थिव देह को इंफाल से कोलकाता तक हवाई जहाज से उनके गृहनगर को भेजा गया है तथा उपनिरीक्षक / जीडी नशीरूद्वीन सरकार का पार्थिव देह इंफाल से गुवाहाटी हवाई अड्डे पर लाया गया, जहां पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ केंद्रीय रिजर्व बल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं असम सरकार एवं पुलिस के अधिकारियों द्वारा अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस समारोह में असम सरकार की ओर से एमएस मणिवन्नन, आईएएस, (आयुक्त एवं सचिव, असम सरकार), पुलिस महानिदेशक, असम पुलिस के प्रतिनिधि अखिलेश कुमार सिंह (भा.पू.से.) पुलिस महानिरीक्षक, दानेश राणा (भा.पू.से.) पुलिस महानिरीक्षक, केरिपुबल, पूर्वोत्तर सेक्टर, विमल कुमार बिष्ट, पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वोत्तर अंचल, अनिल कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक, केरिपुबल, रेंज गुवाहाटी, एपी. सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं ए. श्रिनिवास पुलिस उपमहानिरीक्षक, पूर्वोत्तर अंचल, बिनोई छेत्री, कमांडेंट 128 बटालियन, राजीव कुमार झा, कमांडेंट 175 बटालियन, उत्पल मणी, कमांडेंट पूर्वोत्तर अंचल केरिपुबल एवं अन्य अधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा बाद में सम्मान पूर्वक उनके पार्थिव देह को उनके गृहनगर को भेजा गया।

वहीं मणिपुर पुलिस ने कहा कि हमले में शामिल लोगों को पकडऩे के लिए बड़े पैमाने पर तलाश जारी है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की करतूत उन समर्पित सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कायरता को दर्शाती हैं जो राज्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम करते हैं। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर वहीं मुख्यमंत्री डां. हिमंत विश्वशर्मा ने सीआरपीएफ जवानों पर हमले की कड़े शब्दों में ङ्क्षनदा की है। उन्होंने कहा कि मैं मणिपुर में हमारे सुरक्षा बलों पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें सीआरपीएफ के हमारे दो बहादुर, एसआई नशीरुद्दीन सरकार और हेड कांस्टेबल अरूप सैनी शहीद हो गए। दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं।