नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को मतदान शुरू होने के साथ ही विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावी महाकुंभ का शंखनाद होने जा रहा है। पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 102 संसदीय सीटों पर मतदान होगा। पहले चरण में अरुणाचल प्रदेश (60 सीटें) और सिक्किम (32 सीटें) में विधानसभा चुनाव भी होंगे। इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सर्वानंद सोनोवाल और भूपेंद्र यादव, कांग्रेस के गौरव गोगोई, और द्रमुक की कनिमोई शामिल हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगा। आयोग ने 1.87 लाख मतदान केंद्रों पर 18 लाख से अधिक मतदान कर्मियों को तैनात किया है। इन मतदान केंद्रों पर 16.63 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदाताओं में 8.4 करोड़ पुरुष, 8.23 करोड़ महिलाएं और 11,371 थर्ड जेंडर शामिल हैं। 35.67 लाख लोग पहली बार मतदाता बने हैं। इसके साथ ही 20-29 वर्ष आयु वर्ग के 3.51 करोड़ युवा मतदाता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और अधिक सीटें जीतने के लिए प्रयास कर रहा है, वहीं विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक 2014 और 2019 के चुनावों में लगातार हार के बाद वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। पहले चरण में जिन राज्यों की सभी लोकसभा सीटों पर मतदान होगा, उनमें तमिलनाडु (39), उत्तराखंड (5), अरुणाचल प्रदेश (2), मेघालय (2), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (1), मिजोरम (1), नगालैंड (1), पुडुचेरी (1), सिक्किम (1) और लक्षद्वीप (1) शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान में 12, उत्तर प्रदेश में 8, मध्य प्रदेश में 6, असम और महाराष्ट्र में 5-5, बिहार में 4, पश्चिम बंगाल में 3, मणिपुर में 2 और त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर और छत्तीसगढ़ में एक-एक सीट पर मतदान होगा। पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार बुधवार शाम समाप्त हो गया। पिछले चुनाव (2019) में संप्रग ने इन 102 सीटों में से 45 और राजग ने 41 सीटें जीती थीं। निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदान और सुरक्षा कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए 41 हेलीकॉप्टर, 84 विशेष रेलगाड़ियां और लगभग एक लाख वाहन तैनात किए गए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर ‘माइक्रो’ पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ ही 50 प्रतिशत से अधिक मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग (इंटरनेट पर प्रसारण) की जाएगी। इसके अतिरिक्त 361 पर्यवेक्षक (127 सामान्य, 67 पुलिस और 167 व्यय पर्यवेक्षक) मतदान से पहले ही अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। वे आयोग की ‘आंख और कान’ के रूप में काम करेंगे, वहीं कुछ राज्यों में विशेष पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार पिछले दो साल से लोकसभा चुनाव की तैयारियों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के एक सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। पहले चरण में मैदान में उतरे प्रमुख नेताओं में नागपुर से नितिन गडकरी, अरुणाचल प्रदेश (पश्चिम) से किरेन रीजीजू, बीकानेर से अर्जुन राम मेघवाल, असम के डिब्रूगढ़ से सर्वानंद सोनोवाल, मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर से जितेंद्र सिंह और राजस्थान के अलवर से भूपेंद्र्र यादव शामिल हैं। कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से, चुनाव निकाय ने पिछले चुनावों में कम मतदान वाले निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही एक सम्मेलन भी आयोजित किया था। पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले, मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने लोगों को उनके मत के महत्व की याद दिलाते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण हैं जब एक मत किसी महत्वपूर्ण मुकाबले में अहम होता है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि चुनाव भारत के लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत अभिव्यक्ति है और मतदान जैसा कुछ और नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी के मद्देनजर कुमार ने कहा कि मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानियां बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लेकिन मैं जानता हूं कि भारतीय मतदाताओं का जोश गर्मी को मात दे देगा। उन्होंने कहा कि हमारे महान लोकतंत्र में, चुनाव आपका है, विकल्प आपका है... आप सरकार का फैसला कर रहे हैं। आप अपने लिए, अपने परिवार और बच्चों के लिए, अपने गांव या कस्बे के लिए और निश्चित रूप से देश के लिए ऐसा कर रहे हैं। कुमार ने लोगों से मतदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें अपने एक मत की ताकत को कभी कम नहीं आंकना चाहिए।
21 राज्यों की 102 सीटों पर मतदान आज