लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में 21 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 102 लोकसभा क्षेत्रों में होने वाले मतदान की पूरी तैयारी हो चुकी है। कुल 1625 प्रत्याशी प्रथम चरण में अपना किस्मत आजमा रहे हैं। 19 अप्रैल को होने वाले मतदान में आठ केंद्रीय मंत्रियों, दो पूर्व मुख्यमंत्रियों तथा एक पूर्व राज्यपाल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वर्ष 2019 में हुआ चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक संपन्न हुआ था। 23 मई को मतगणना हुई थी। वह चुनाव 38 दिन में पूरा हो चुका था, जबकि 2024 का चुनाव 46 दिन में पूरा होगा। 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून मतदान समाप्त होगा, जबकि 4 जून को मतगणना होगी। वर्ष 2019 में प्रथम चरण में मतदान केंद्रों की संख्या 10.35 लाख थी जबकि वर्ष 2024 यह संख्या बढ़कर 10.48 लाख हो गई है। इस चुनाव में 3.4 लाख केंद्रीय रिजर्व पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में 92,000, जम्मू-कश्मीर में 63.500, तथा नक्सली क्षेत्र में 36,000 जवान तैनात किये गए हैं। प्रथम चरण में केंद्रीय मंत्रियों क्रमशः नितिन गडकरी नागपुर से, सर्वानंद सोनोवाल डिब्रूगढ़ से, किरेन रिजीजू पश्चिम अरुणाचल से, संजीव बालियान मुजफ्फरनगर से, जितेन्द्र सिंह उधमपुर से, भूपेन्द्र यादव अलवर से, अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर से और एल मुरुगन नीलगिरि से प्रतिद्वंद्विता कर रहे हैं। इसके अलावा पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन दक्षिण चेन्नई से चुनाव लड़ रहे हैं। तमिलनाडु की सभी 39 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान हो रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आठ, राजस्थान के तेरह, बिहार के चार, मध्यप्रदेश के छह, महाराष्ट्र के पांच, असम के पांच, उत्तराखंड के छह क्षेत्र शामिल हैं। सभी उम्मीदवारों ने अपने प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत झोंकी है। असम के जोरहाट, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, काजीरंगा तथा शोणितपुर में 19 अप्रैल को मतदान होगा, जिसके लिए कुल 35 उम्मीदवार मैदान में हैं। 86,47,869 मतदाता इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल सहित भाजपा और कांग्रेस के कई मौजूदा सांसदों की प्रतिष्ठा दांव पर है। डिब्रूगढ़ से भाजपा प्रत्याशी सोनोवाल का मुकाबला असम जातीय परिषद (एजेपी) और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार लूरिन ज्योति गोगोइ से है। यहां कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे ज्यादा काजीरंगा से कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 20,50,216 मतदाता करेंगे। उसके बाद लखीमपुर से नौ, शोणितपुर से आठ तथा जोरहाट से चार उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्यसभा सांसद कामाख्या प्रसाद तासा काजीरंगा से, लखीमपुर से वर्तमान सांसद तथा भाजपा प्रत्याशी प्रदान बरुआ, सांसद गौरव गोगोइ जोरहाट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। जोरहाट का चुनाव असम के लिए हाई प्रोफाइल चुनाव बना हुआ है। राज्य सरकार के कई मंत्री चुनाव प्रचार के दौरान डेरा डाले हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने जोरहाट क्षेत्र से अपना चुनाव प्रचार शुरू किया तथा समापन भी उसी क्षेत्र से किया। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र डिब्रूगढ़ के अलावा लखीमपुर एवं दूसरे क्षेत्र के लिए भी चुनाव प्रचार किया। ऊपरी असम में आहोम, चाय जनजाति मतदाता निर्णायक भूमिका में होंगे। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान कराने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए भी पहल की गई है। देश में मजबूत लोकतंत्र के लिए ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को मतदान के लिए आगे आना चाहिए। खासकर युवा वर्ग को भी मतदान में हिस्सा लेकर देश का भविष्य तय करने के लिए हो रही पहल में भागीदार बनना चाहिए। 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं का मतदान के प्रति झुकाव कम होना चिंता का विषय है। इस बारे में चुनाव आयोग ने कई जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया था। देश के मतदाताओं को स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए ताकि देश का तेजी से विकास हो सके। अपराधी प्रवृत्ति वाले उम्मीदवारों को सबक सिखाने की जरुरत है। भारत में लोकतंत्र की जड़ काफी गहरी है। जरुरत इस बात की है कि राजनेताओं को अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए पहल करनी चाहिए। इस क्षेत्र में राजनीतिक पार्टियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रथम चरण का मतदान
