पूर्वांचल प्रहरी निज संवाददाता शिवसागर : जोरहाट लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार खत्म होने के अंतिम दिन आज राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शिवसागर शहर में एक विशाल रोड शो करके कई लुभावनी घोषणा से मतदाताओं को अपने प्रत्याशी तपन कुमार गोगोई को मतदान करने के लिए लुभाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री आज दोपहर करीब दो बजे शिवसागर के केपीएम चाराली के पास स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे और वहां से एक विशाल रोड शो करते हुए शहर के दौलमुख चाराली पहुंचे। वहां पर डॉ. भूपेन हजारिका की प्रतिमा के सामने बनाए गए मंच पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब असम का जो हाल था, उसकी तुलना आज से करके देखिए तो लोगों को पता चलेगा कि सही मायने में देश और असम का विकास हुआ है।
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि असम की 14 की 14 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी और उनके सहयोगी दलों को जीताकर लोकसभा में भेजकर नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करें। उन्होंने कहा कि जब मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे, तब असम में आंदोलन और भय का वातावरण था। एक भी दिन ऐसा नहीं जाता था, जब असम में किसी तरह की हिंसक घटना ना हुई हो। लोग अपने जातीय उत्सव बिहू को मनाने में भी डरते थे। परंतु आज चारों तरफ शांति और विकास का दौर है। लोग खुलकर अपने उत्सव मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इस दौरान कोविड-19 की मार भी पूरे विश्व के साथ असम पर भी पड़ी। परंतु नरेंद्र मोदी ने राज्य को खुलकर कोविड वैक्सीन दी, जिससे हम उस कठिन दौर से निकलकर पुुन: विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब उन्होंने घोषणा की थी कि वह राज्य के एक लाख बेरोजगार लोगों को सरकारी नौकरी देंगे, हालांकि लोगों को विश्वास नहीं हुआ था। लेकिन उन्होंने तीन वर्षों में एक लाख सरकारी नौकरी देकर अपने वादे को पूरा करके दिखाया। पहले कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी नौकरी मंत्री, विधायक, ऑफिसर और पैसे वाले को मिलती थी और पांच लाख से ज्यादा की रिश्वत देनी पड़ती थी। परंतु अभी जब सरकारी नौकरी के नतीजे निकलते हैं, तब उसमें ठेला वाले, रिक्शा वाले, चतुर्थ श्रेणी के व्यक्ति सभी को योग्यता के हिसाब से स्थान मिलता है।
उन्होंने कहा कि असम की पांच लोकसभा सीटों पर प्रथम चरण के तहत होने वाले मतदान की लिए उन्होंने पांच लोकसभा सीट के 50 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण करके पाया कि अब लोगों को आशा है कि उन्हें नौकरी का मौका मिलेगा। उन्होंने शिवदौल और देवीदौल के सामने सौगंध खाकर घोषणा की कि वे एक वर्ष के भीतर 50 हजार व्यक्तियों को और सरकारी नौकरी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो युवक-युवती सरकारी नौकरी नहीं करके अपना खुद का व्यापार वाणिज्य शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए आत्मनिर्भर असम नामक योजना लाई जाएगी।
जिसके तहत दो लाख का ऋण दिया जाएगा, वह भी बिना ब्याज के। इसमें से केवल एक लाख रुपए सरकार को वापस करने होंगे और बाकी वह अपने बिजनेस या व्यापार में लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे असम के सभी क्षेत्रों को कुछ ना कुछ इंस्टीट्यूट या अन्य राष्ट्रीय स्तर के इंस्टीट्यूट प्राप्त हुए हैं, परंतु शिवसागर को कुछ नहीं प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर उनके साथ शिक्षा मंत्री रेनुज पेगु, जल संसाधन मंत्री पीयुष हजारिका, सांसद पद्मलोचन दास, थावरा के विधायक सुशांत बरगोहाईं, पूर्व विधायक कुशल देवरी सहित कई भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।