लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 15 अप्रैल को अपना घोषणा-पत्र जारी किया, जिसमें समाज के सभी वर्गों खासकर युवाओं, गरीबों, किसानों एवं महिलाओं के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा-पत्र जारी करते हुए कहा कि उनकी सरकार देश के 80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त में अनाज उपलब्ध करवाएगी। घोषणा-पत्र जारी करते वक्त भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं गृह मंत्री अमित शाह उपस्थित थे। भाजपा ने 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाने का वादा किया है। इसके बाद वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक कोई चार्ज नहीं लगेगा। 76 पृष्ठ वाले संकल्प पत्र में हर वर्ग एवं समुदाय को साधने की कोशिश की गई है। भाजाप के संकल्प पत्र को मोदी की गारंटी से जोड़ लिया गया है। इसका मतलब साफ है कि भाजपा ने घोषणा पत्र में जो भी वादा किया है उसको पूरा करने की गारंटी मोदी की है। घोषणा-पत्र में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू करने का जिक्र है, किंतु एनआरसी को जगह नहीं दी गई है। मालूम हो कि सीएए को लेकर असम तथा पश्चिम बंगाल में काफी विरोध हो रहा है। एनआरसी को लेकर कई राज्य आवाज उठा रहे हैं। असम में एनआरसी बनाने का काम शुरू हुआ था, किंतु अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। कुछ लोग अभी भी आगे की प्रक्रिया के लिए इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अगले पांच वर्ष के दौरान देश के और तीन करोड़ लोगों को घर देने का वादा किया है। अभी तक चार करोड़ लोगों को पक्के मकान दिये जा चुके हैं। किसानों को दी जा रही छह हजार की सहायता जारी रहेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा ने पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रावधान अपने घोषणा-पत्र में रखा है। भाजपा ने पहले ही अयोध्या में राम मंदिर बनवाने एवं जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का वादा पूरा कर लिया है। भाजपा ने वन नेशन वन इलेक्शन को भी अपने घोषणा-पत्र में शामिल किया है। इसके अलावा उत्तर, दक्षिण एवं पूरब क्षेत्र में बुलेट ट्रेन चलाने का भी वादा किया गया है। भाजपा का संकल्प पत्र अंबेडकर जयंती के दिन जारी किया गया है। इसका अर्थ यह है कि भाजपा अपने को दलितों के हितैषी के रूप में साबित करना चाहती है। यह चुनाव केवल मोदी के चेहरे पर ही लड़ा जा रहा है। भाजपा चुनाव प्रचार के दौरान सरकार के कल्याणकारी योजनाओं के बारे में प्रमुखता से बता रही है। किसानों, महिलाओं, गरीबों एवं युवाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है। महंगाई एवं बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार को घेर रही हैं। भाजपा आंकड़ों के आधार पर यह दिखाने का प्रयास कर रही है कि उसकी सरकार में महंगाई पिछली सरकारों की तुलना में कम है। राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे के घोषणा-पत्र में खामी निकालकर मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षि करने में लगी हैं। अब पूरा मामला मतदाताओं की कोर्ट में है, जिस पर 4 जून को फैसला आएगा।
भाजपा का संकल्प पत्र
