पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को संवैधानिक न्यायाधिकरण में चल रही सुनवाई के कारण नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीए) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने में विफल रहा। गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 19 मार्च को केंद्र को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। उक्त हलफनामे के आधार पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। हालांकि संवैधानिक न्यायाधिकरण में चल रही कई सुनवाईयों के कारण मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोश मिश्रा की खंडपीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई से परहेज किया। समाचार लिखे जाने तक याचिकाओं की अगली सुनवाई तय नहीं की गई है और अदालत की वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। उल्लेखनीय है कि कुल मिलाकर सीएए को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में 237 याचिकाएं दायर की गई हैं, लेकिन पिछले महीने केंद्र द्वारा सीएए को लागू करने के बाद असम और पूर्वोत्तर से कई नई अंतरिम याचिकाएं दायर की गईं। उल्लेखनीय है कि 19 मार्च की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वे सीएए पर स्थगन आदेश पर असम और त्रिपुरा के लिए अलग से विचार करेंगे और सुनवाई करेंगे। गौरतलब है कि अखिल असम छात्र संघ (आसू) सहित असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद, विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया और उत्तर पूर्व छात्र संगठन (एनईएसओ) ने सीए एक्ट पर रोक लगाने की मांग करते हुए पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
एससी में सीएए पर सुनवाई टली