लखीमपुर : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में चीन एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं कर सकता है।  उन्होंने दावा किया कि जनता कभी नहीं भूल सकती कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 में चीन के हमले के दौरान असम और अरुणाचल प्रदेश को 'बाय-बाय' कह दिया था। लखीमपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ने बांग्लादेश से लगती सीमा को सुरक्षित किया और घुसपैठ पर रोक लगाई।

शाह ने कहा कि चीन द्वारा 1962 में किए गए हमले के दौरान नेहरू ने कहा था 'बाय-बाय' असम और अरुणाचल प्रदेश। इन राज्यों की जनता कभी इसे भूल नहीं सकती। लेकिन अब चीन हमारी जमीन पर एक इंच भी कब्जा नहीं कर सकता। यहां तक डोकलाम में भी हमने उन्हें पीछे धकेल दिया। उन्होंने कहा कि असम की बांग्लादेश से लगती सीमा 'घुसपैठ के लिए खुली' थी। गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार और यहां हिमंत विश्वशर्मा की सरकार आई, अब हम कह सकते हैं कि घुसपैठ रूक गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि असम की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने राज्य के साथ अन्याय किया और बड़ी संख्या में युवा अलग-अलग हिंसक आंदोलनों और उग्रवाद संबंधी घटनाओं में मारे गए। शाह ने कहा कि मोदी सरकार के 10 साल के शासन में शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं और 9000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम राज्य के 80 प्रतिशत इलाकों से हटा लिया गया है। शाह ने कहा कि उन्होंने (असम) संधि की, लेकिन शर्तों को लागू नहीं किया। हमने बोडो संधि पर हस्ताक्षर किए और दो साल के भीतर सभी शर्तें पूरी कर दी गईं। कांग्रेस के घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया है कि उसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ का समर्थन किया गया है।

शाह ने तुलना करते हुए कहा कि हिमंत विश्वशर्मा ने बाल विवाह रोका है। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता है। शाह ने कहा कि पूरे देश के विकास में पूर्वोत्तर का विकास केंद्र में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि क्षेत्र की सभी सीट पर वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करें। उन्होंने कहा कि आपके के पास दो विकल्प है या तो राहुल गांधी या 'इंडिया' गठबंधन के लिए मतदान करें या मोदी नीत भारतीय जनता पार्टी के लिए मतदान करें।  केंद्रीय मंत्री ने जनता से आह्वान किया कि वे केंद्र में भाजपा नीत सरकार का तीसरा कार्यकाल सुनिश्चित करें।

दूसरी ओर शाह ने कहा कि असम जल्द ही देश के विकसित राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा। असम को कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2004 से 2014 के बीच कुल एक लाख 62 हजार करोड़ रुपए दिए थे, जबकि मोदी सरकार ने गत दस वर्षों में चार लाख पंद्रह हजार करोड़ रुपए असम को विकास के लिए दिए। उल्लेखनीय है कि लखीमपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रदान बरुवा के लिए चुनावी प्रचार करने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लखीमपुर पहुंचे। उन्होंने कहा कि लखीमपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रदान बरुवा पांच लाख से अधिक मतों के अंतर से जीतेंगे। लखीमपुर शहर के सुकुलीभरिया में आयोजित भाजपा की विशाल जनसभा में देशहित में मतदान करने की बात कहते हुए शाह ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवराज राहुल बाबा ने कुछ दिन पूर्व असम की संस्कृृति और सभ्यता की रक्षा को लेकर चिंता जताई थी। गृहमंत्री ने राहुल गांधी से पूछा कि उनकी दादी इंदिरा गांधी के समय से असम के साथ अन्याय होने का कारण क्या है। दूसरे राज्यों की तुलना में असम एवं उत्तर पूर्व के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा था। उस समय आप कहां गए थे, जब असम के हजारों युवा अपनी राह से भटककर दूसरी रहा पर चल पड़े थे, जिसके कारण हजारों लोग मारे गए थे। लेकिन भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम में शांति बहाल रखने के लिए बड़ा कदम उठाया।

मोदी सरकार ने दस से ज्यादा शांति समझौते बनाकर राह से भटक रहे असम के युवाओं को देश की मुख्यधारा के साथ जोडऩे का काम किया। उन्होंने कहा कि यह तो भाजपा सरकार है, जिसके आने के बाद असम के नौ हजार युवाओं को देश की मुख्यधारा के साथ जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस किस मुंह से असम के सम्मान की बात कर रही है। उनकी सरकार तो असम के पुत्र गोपीनाथ बरदलै और सुधाकंठ भूपेन हजारिका तक को सम्मान नहीं दे पाई। यह काम भी भाजपा सरकार ने ही किया।

असम में दस सालों में जो विकास की गंगा वही है, वह कांग्रेस के साठ सालों के शासन में नहीं बही थी। इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने भी जनसभा को संबोधित किया। सभा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भवेश कलिता, शिक्षा मंत्री रनोज पेगु, विधायक मानव डेका, नव दलै, रुपेश ग्वाला, बोलिन सेतिया, भुवन पेगु उपस्थित थे।