पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : राज्य में लोकसभा चुनाव प्रचार के साथ-साथ बिहू को लेकर भी काफी उत्साह दिख रहा है। ढोल वादक और नर्तकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित होने के साथ-साथ विरासत और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए रंगाली बिहू मनाने के लिए बिहू समितियों के आयोजकों में काफी उत्साह है। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के बाद सरकार ने घोषणा की कि वह चंदा संस्कृति को बंद कर देगी और बिहू समितियों को अनुदान प्रदान करेगी। पिछले सालों की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने राज्य में 10 साल पुराने 2,306 बिहू उत्सव समितियों में से प्रत्येक को 1.5 लाख रुपए का अनुदान देने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि 1.5 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डूबे होने के बावजूद भाजपा सरकार ने इस साल बिहू समितियों को कुल 35 करोड़ रुपए के अनुदान को मंजूरी दे दी थी। लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण बिहू समितियों को अनुदान जारी करने में समस्याओं के उत्पन्न होने पर आख़िरकार दिसपुर ने चुनाव आयोग से अपील की। दिसपुर के अनुरोध के समर्थन में भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की 2,306 बिहू समितियों को प्रत्येक को 1.5 लाख रुपए देने के लिए हरी झंडी दे दी है। चुनाव आयोग ने हरी झंडी दिखाने के बाद अब राज्य सरकार थोड़े दिनों में राज्य के 10 साल पुरानी बिहू समितियों के प्रत्येक को 1.5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।