गुवाहाटी : असम में पहले चरण के पांच लोकसभा संसदीय क्षेत्र के लिए युद्ध का मैदान पूरी तरह तैयार हो गया है। सभी पार्टियों के उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं तथा चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में धुआंधार प्रचार में जुट गए हैं। भाजपा के मुकाबले दूसरे दलों का प्रचार अभियान काफी पीछे है। चुनावी घोषणा से पहले ही मुख्यमंत्री ने सभी जिलों का दौरा कर लाभकारी योजनाओं की झड़ी लगा दी थी। उसका लाभ भाजपा को चुनाव में निश्चित रूप से लाभ मिलेगा, वहीं भाजपा के दोनों सहयोगी दल अगप व यूपीपीएफ एकजुट होकर काम कर रहे हैं। असम की पांच लोकसभा सीटों में से केवल शोणितपुर को छोड़कर बाकी डिब्रूगढ़, जोरहाट, लखीमपुर तथा काजीरंगा ऊपरी असम में हैं। अभी तक सभी जगहों पर भाजपा उम्मीदवारों का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। सभी पांचों लोकसभा सीटों पर कुल 35 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं, जहां 19 अप्रैल को मतदान होना है।
काजीरंगा में सबसे ज्यादा कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि लखीमपुर में सबसे कम तीन उम्मीदवार हैं। काजीरंगा में भाजपा उम्मीदवार कामाख्या प्रसाद तासा और कांग्रेस उम्मीदवार रोजलिना टिर्की के बीच मुकाबला है, लेकिन यहां कामाख्या प्रसाद तासा का पलड़ा भारी है। इसी तरह डिब्रूगढ़ में केंद्रीय आयुष एवं जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल तथा असम जातीय पार्टी के लुरिन ज्योति गोगोई के बीच मुकाबला है। लुरिन ज्योति को कांग्रेज का भी समर्थन प्राप्त है। इसी तरह लखीमपुर में कुल 9 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा उम्मीदवार प्रदान बरुवा तथा कांग्रेस के उदय शंकर हजारिका के बीच है। इसी सीट से कांग्रेस की नेत्री रानी नराह को टिकट नहीं मिलने के कारण उनके पति तथा कांग्रेसी नेता भरत चंद्र नरह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कुल मिलाकर डिब्रूगढ़, लखीमपुर तथा काजीरंगा में भाजपा की जीत सुनिश्चित है।
शोणितपुर संसदीय क्षेत्र में भाजपा की तरफ से पूर्व मंत्री रंजीत दत्त और कांग्रेस की तरफ से प्रेमलाल गांजू मैदान में हैं। यहां भी मुकाबला भाजपा तथा कांग्रेस के बीच है। जोरहाट संसदीय क्षेत्र इस बार हाई प्रोफाइल क्षेत्र बना हुआ है। उसका कारण यह है कि इस क्षेत्र से इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता गौरव गोगोई तथा भाजपा की तरफ से वर्तमान सांसद तपन गोगोई मैदान में हैं। दोनों के बीच कांटे का मुकाबला है। इस क्षेत्र से दो बार गौरव गोगोई के पिता तथा पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई जीत चुके हैं। भाजपा जोरहाट संसदीय में कोई जोखिम उठाना नहीं चाहती, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा सहित उनके कैबिनेट की टीम पूरी तरह चुनाव मैदान में उतर चुकी है।
वोटों की जातिगत गणना के अनुसार भाजपा उम्मीदवार भारी पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोरहाट संसदीय क्षेत्र के माजुली से ही साइकिल रैली में भाग लेकर अपने चुनाव प्रचार का आगाज किया। यह दिखाता है कि जोरहाट सीट भाजपा के लिए कितना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री का दावा है कि भाजपा 14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करेगी। नरेंद्र मोदी तथा हिमंत विश्वशर्मा सरकार द्वारा आम जनता के लिए घोषित किए गए अनेक लाभकारी योजनाओं का लाभ पार्टी उम्मीदवारों को चुनाव में निश्चित रूप से मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ छवि का प्रभाव दूसरे राज्यों की तरह असम पर भी पड़ेगा। मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए पिछले 10 वर्षों में जितना काम किया है, उतना काम कांग्रेस के पूरे शासन में नहीं हुआ। कुल मिलाकर प्रथम चरण के पांच लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा चुनाव में पूरी ताकत झोंक चुके हैं।