आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह जमानत पर रिहा हो गए हैं। रिहा होने के बाद उन्होंने जिस तरह पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया एवं उनमें जोश भरने का प्रयास किया उससे पार्टी कार्यकर्ताओं का निश्चित रूप से उत्साह बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर करने के साथ ही यह भी कहा था कि वे शराब घोटाला के बारे में कोई बयान नहीं देंगे। इसके साथ ही उनको दिल्ली व एनसीआर के बाहर जाने की पाबंदी रहेगी। लेकिन संजय सिंह ने जेल से बाहर आने के साथ ही धमाकेदार बयान दे दिया। शराब घोटाला एवं मनी लांड्रिंग केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एवं पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन जेल में बंद हैं। लोकसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल का ईडी की गिरफ्त में आना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। आप पंजाब की सभी 13 सीटों तथा दिल्ली की सात में से चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। संजय सिंह के बाहर आने से पार्टी को निश्चित रूप से चुनाव में लाभ मिलेगा। संजय सिंह का पार्टी के संगठन पर अच्छी पकड़ है तथा वे अच्छे वक्ता भी हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के जेल जाने से पार्टी में बिखराव की स्थिति पैदा हो रही है। दिल्ली सरकार के दो मंत्री सौरभ भारद्वाज एवं आतिशी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने से पार्टी के सामने दिशा-निर्देश की समस्या पैदा हो रही थी। संजय के बाहर आने से पार्टी ने निश्चित रूप से राहत की सांस ली है।
अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर 3 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी की है। इस पर फैसला आने वाला है। इसी तरह मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर भी 6 अप्रैल को सुनवाई होगी। मनीष सिसोदिया पिछले एक वर्ष से जेल में हैं। पूरा विपक्ष अरविंद केजरीवाल के समर्थन में खड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर विपक्षी नेताओं को सीबीआई और ईडी की जाल में फंसाना चाहती है। विपक्षी नेता इसे लोकतंत्र पर हमला भी बता रहे हैं। अमरीका, जर्मनी तथा संयुक्त राष्ट्र ने भी केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बयान देकर चौंका दिया है। हालांकि भारत ने इन तीनों को करारा जवाब देकर आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से दूर रहने को कहा। इस मामले में अमरीका की दोगली नीति भी उजागर हो गई है। अमरीका को केजरीवाल के मुद्दे पर चल रही कानूनी प्रक्रिया पर नजर है, किंतु उसे पाकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तारी की कोई चिंता नहीं है।
अमरीका अपनी सुविधा के अनुसार बयान देता है। लेकिन नया भारत उसे बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। केजरीवाल और सिसोदिया की जमानत के मामले में ईडी जमानत का विरोध कर रहा है, लेकिन संजय सिंह के मामले में ऐसा नहीं हुआ। ईडी केजरीवाल एवं सिसोदिया के खिलाफ कोर्ट में ठोस सबूत देने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। ईडी का कहना है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के लिए उसके पास पूरा प्रमाण है। आम आदमी पार्टी के पंजाब से सांसद एवं एक विधायक भी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। पंजाब और दिल्ली में आप की जीत सुनिश्चित करने के लिए केजरीवाल को मैदान में रहना जरूरी था। भाजपा देश के अन्य राज्यों की तरह पंजाब और दिल्ली में भी आप को पटखनी देने के लिए पूरी तैयारी में है। लोकसभा चुनाव से पहले आप के बड़े नेताओं का बाहर आना मुश्किल लग रहा है। देखना है कि कोर्ट इस मामले में क्या फैसला देती है?