पूर्वांचल प्रहरी निज संवाददाता जागीरोड : मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने रविवार को विश्वास जताया कि मिया समुदाय की लड़कियां, महिलाएं और युवा लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देंगे। मिया मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है। हालांकि, हाल के वर्षों में समुदाय के कार्यकर्ताओं ने प्रतिरोध स्वरूप इस शब्द को अपनाना शुरू कर दिया है। शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुझे विश्वास है कि 'मिया' समुदाय की बेटियां, महिलाएं और युवा इस बार भाजपा को वोट देंगे। मैं मिया महिलाओं के लिए संघर्ष कर रहा हूं ताकि तलाक, बाल विवाह न हो और महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिले।

उन्होंने दावा किया कि समुदाय के बेरोजगार युवा भी भाजपा को वोट देंगे, क्योंकि उनमें से कई को बिना रिश्वत दिए सरकारी नौकरियां मिली हैं। शर्मा ने तंज कसते हुए धुबड़ी लोकसभा सीट को लेकर कहा कि वह चाहते हैं कि यदि संभव हो तो, कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) दोनों के उम्मीदवार जीतें और असम के भविष्य के लिए दिल्ली जाएं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं रकीबुल हुसैन की जीत की उम्मीद कर रहा हूं। यदि वह दिल्ली जाते हैं, तो हमें काजीरंगा में इतनी बटालियन की जरूरत नहीं है।

हम इसमें कटौती करेंगे। शर्मा का परोक्ष तौर पर इशारा गैंडे के अवैध शिकार में कांग्रेस नेता की कथित संलिप्तता की ओर था। हुसैन असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान वन मंत्री थे और उन पर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में गैंडों के अवैध शिकार का आरोप लगाया गया था। शर्मा ने कहा कि यदि (बदरुद्दीन) अजमल दिल्ली जाते हैं, तो हमारी कई मुस्लिम लड़कियों को कम उम्र में शादी नहीं करनी पड़ेगी। वह खुद ऐसी एक लड़की से शादी करना चाह रहे हैं। यदि ऐसा संभव है, तो मैं चाहता हूं कि असम की बेहतरी के लिए वे दोनों जीतें। एआईयूडीएफ प्रमुख और धुबड़ी के मौजूदा सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कथित तौर पर कहा है कि भाजपा मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रही है और यदि वह दोबारा शादी करना चाहते हैं, तो कोई उन्हें नहीं रोक सकता, क्योंकि उनका धर्म उन्हें ऐसा करने की अनुमति देता है। शर्मा ने कहा कि मैंने उनके समाज को सुधारने की कोशिश की है।

मुस्लिम समुदाय के युवा मुझे बहुत समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने मेरी बातों का स्वागत किया है, किसी ने आपत्ति नहीं जताई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता इस चुनाव अवधि के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होते रहेंगे। शर्मा ने कहा कि आपको मुझ पर विश्वास करना होगा, कांग्रेस में कोई नहीं रहेगा। 2026 तक कांग्रेस में एक या दो लोगों को छोड़कर कोई भी हिंदू नहीं रहेगा। और जिस तरह से हम आगे बढ़ रहे हैं 2032 तक अधिकांश मुस्लिम लोग भी कांग्रेस छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता यहां कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन जाएंगे और वहां भाजपा पार्टी की एक शाखा खोलेंगे। शर्मा ने कहा कि हम वहां भाजपा की नगर समिति की तरह भाजपा की एक शाखा खोल सकते हैं।

इन दिनों पूरे राज्य में बूथ स्तर के कई कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने रविवार को मोरीगांव में तिवा सांस्कृतिक महोत्सव में भाग लेने के दौरान तिवा लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के महत्व को बताते हुए अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया। महोत्सव में बोलते हुए शर्मा ने असम की विविध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि मैं इस महोत्सव का हिस्सा बनकर खुश और उत्साहित  हूं, जो तिवा की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच के रूप में कार्य करता है। तिवा जनजाति के सांस्कृतिक महत्व को स्वीकार करते हुए  मुख्यमंत्री ने तिवा भाषा और संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने तिवा भाषा को स्कूलों में एक अनिवार्य विषय बनाने की योजना की घोषणा की, जिससे छात्र तिवा भाषा में परीक्षा दे सकें। शर्मा ने बसुंधरा 2.0 जैसी पहल का हवाला देते हुए तिवा समुदाय का समर्थन करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसमें कई तिवा लोगों को भूमि पट्टों का वितरण किया गया। उन्होंने बसुंधरा 3 के तहत इसी तरह के समर्थन का वादा किया गया। शर्मा ने छात्रों से तिवा लोगों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में तिवा भाषा सीखने और उसका सम्मान करने का आग्रह करते हुए कहा कि हम तिवा संस्कृति को सशक्त बनाने और संरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसे भीतर से कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी प्रयास का विरोध करना जरूरी है।