डिजिटल डेस्क :   1 अप्रैल से गैर-अप्रवासी अमरीकी वीजा के लिए ली जाने वाली फीस में भारी बढ़ोतरी होने वाली है। वीजा फीस में एक साथ करीब तीन गुना की बढ़ोतरी होगी। यह बढ़ोतरी एच-1बी, एल-1 और ईबी-5 वीजा पर लागू होगी। इस बदलाव के साथ ही यह भी उम्मीद है कि वीजा सर्विस में भी आने वाले दिनों में बदलाव हो सकता है। फीस में होने वाली बढ़ोतरी से आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले इमीग्रेशन पॉलिसी और इंटरनेशनल रिलेशन पर भी असर देखने को मिल सकता है। अमरीका में रहने के लिए जाने वाले भारतीय सबसे ज्यादा एच-1बी, एल-1 और ईबी-5 वीजा लेते हैं। फीस में यह बढ़ोतरी करीब आठ साल बाद की जा रही है। इससे पहले 2016 में फीस में इजाफा किया गया था। अमेरिका की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया कि एच-1बी, एल-1 और ईबी-5 वीजा के लिए बढ़ोतरी के बाद नई फीस 1 अप्रैल से लागू होगी। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से जारी किए गए नोटिफिकेशन में पहले ही इस बारे में जानकारी दी गई थी। नोटिफिकेशन में कहा गया कि यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज की तरफ से फी एडजस्टमेंट और फॉर्म में बदलाव से वीजा फीस बढ़ जाएगी। आपको नए एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करना है तो इसके लिए फॉर्म आई-129 है। इसकी फीस 460 यूएस डॉलर से  बढ़कर 780 यूएस डॉलर होने जा रही है। भारतीय मुद्रा में बात करें तो यह यह 38000 रुपए से बढ़कर 64,000 रुपए से ज्यादा हो जाएगी। इसके अलावा एच-1बी रजिस्ट्रेशन फीस अगले वित्तीय वर्ष से 10 यूएस डॉलर (829 रुपए) से बढ़कर 215 डॉलर (करीब 17000 रुपए) हो जाएगी। आपको बता दें एच-1बी गैर-अप्रवासी वीजा है, जो अमरीकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को नियुक्ति देने की अनुमति देता है। टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन से हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए एच-1बी वीजा पर निर्भर हैं। एल-1 वीजा की फीस 1 अप्रैल से बढ़कर तीन गुनी हो होकर 1385 यूएस डॉलर (1,10,000 रुपए) होने की उम्मीद है। (एजेंसी)