गुवाहाटी : पहली अप्रैल से जीवनदायी दवाओं के दाम फिर बढ़ेंगे। अब ऐसे दिन आने वाले हैं जब देश और प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग और आम लोग भले ही काम करके अपना जीवन यापन कर सकें लेकिन दवा खरीदना उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा। चुनावी मौसम में लोगों के बीच यह सुगबुगाहट स्वाभाविक है कि एक तरफ मुफ्त चावल, दूसरी तरफ दवाइयों के दाम में बढ़त जीवन को मुश्किल बना रही है। कुछ दिन पहले तक 500 रुपए में मिलने वाली चार सोडियम टैबलेट की कीमत बढ़ कर 764.95 रुपए हो गई है। कुछ दिन पहले तक 55 रुपए में उपलब्ध ब्लड प्रेशर की गोलियों की कीमत और 115 रुपए है। शिकायतें हैं कि चुनावी बांड के माध्यम से डॉ. रेड्डीज लैब, सिपला लिमिटेड आदि विभिन्न दवा कंपनियों द्वारा सत्तारूढ़ भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों को 534 करोड़ रुपए का चंदा देने के बाद देश में दवाइयों की कीमत बेतहाशा बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर ऐसे भी आरोप हैं कि रेमडेसिविर से लेकर कफ सिरप तक कम गुणवत्ता वाली दवाओं के निर्माताओं ने भाजपा सहित राजनीतिक दलों को 1,000 करोड़ रुपए का चंदा दिया है। इसी बीच दवा कंपनियों ने पहली अप्रैल से एंटीबायोटिक और दर्दनिवारक समेत 800 दवाओं के दाम बढ़ा दिए हैं। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने इन दवाओं की कीमत में फिर से बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी है। कीमत बढ़ाने वाली दवा कंपनियों पर चुनावी बांड के जरिए सत्तारूढ़ भाजपा को 911 करोड़ रुपए का चंदा देने का आरोप लगाया गया है। ऐसी अफवाहें हैं कि दवा कंपनियों ने पैसा वापस पाने के लिए दवाओं की कीमतें बढ़ा दी हैं। प्रसंगवश, इसका उल्लेख किया जा सकता है कि 2024 में ही दो बार दवाइयों की कीमत बढ़ाई गई हैं। इससे पहले दवाओं की कीमत में 12 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की गई थी। 2022 में भी दवाओं की कीमत दवाओं की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इसके अलावा दवा कंपनियां समय-समय पर उपभोक्ताओं की पहुंच से परे दवाओं की कीमतें बढ़ाती रही हैं। केंद्र सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री जन औषधि फार्मेसी के माध्यम से जेनेरिक दवाएं सस्ती कीमतों पर उपलब्ध हैं। लेकिन हकीकत में ये मरीजों को उपलब्ध नहीं हैं। विस्तार के बजाय एक के बाद एक जन औषधि फार्मेसी बंद हो रही हैं। डॉक्टर जेनेरिक दवाएं प्रेसक्राइव भी नहीं करते हैं। इसी बीच, पहली अप्रैल से राज्य में शराब की कीमतें भी तेजी से बढ़ेंगी। शराब डीलरों के लिए पंजीकरण शुल्क दोगुना करने के बाद अब सरकार ने पहली अप्रैल से शराब के विभिन्न ब्रांडों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। उदाहरण के तौर पर 400 रुपए में मिलने वाली सीग्राम इंपीरियल ब्लैक व्हिस्की की कीमत पहली अप्रैल से 480 रुपए हो जाएगी। 245 रुपए में मिलने वाली सीग्राम ब्लेंडर्स प्राइड व्हिस्की की कीमत बढ़ाकर 260 रुपए कर दी गई है। 380 रुपए में उपलब्ध डायरेक्टर्स स्पेशल ब्लैक व्हिस्की की कीमत 450 रुपए कर दी गई है। 350 रुपये में मिलने वाली बैगपाइपर डिलक्स व्हिस्की की कीमत 410 रुपए कर दी गई है।
कल से बढेंगे दवा और दारू के दाम