पिछले कुछ दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। फिलहाल यह तेजी के साथ आगे बढ़ रही है, उसका नजारा वैश्विक स्तर पर जारी धनवानों की सूची पर भी दिख रहा है। हुरुन रिसर्च रिपोर्ट-2024 के मुताबिक पहली बार मुंबई एशिया की नई अरबपति राजधानी के रूप में उभरी है, जिसने चीन की राजधानी बीजिंग को पीछे छोड़ दिया है। भारत की आर्थिक राजधानी में अब 92 अरबपति हैं, जो बीजिंग की 91 की संख्या को पार कर गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत 271 अरबपतियों के साथ दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी दुनिया के 10वां सबसे अमीर व्यक्ति हैं। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2024 के अनुसार आज दुनिया में 3,279 अरबपति हैं, जिनमें से 167 पिछले वर्ष में जोड़े गए थे। चीन में सबसे अधिक अरबपति (814) हैं। इसके बाद अमरीका में 800 हैं। हालांकि, पिछले साल की तुलना में जहां अमरीका और भारत में क्रमशः 109 और 84 अरबपति जुड़े, वहीं चीन की संख्या में 155 की कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के लिए यह साल बेहद मजबूत रहा, जिसमें लगभग 100 अरबपति शामिल हुए हैं। अर्थव्यवस्था में विश्वास रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गया है। मुंबई एशिया की अरबपतियों की राजधानी और वैश्विक स्तर पर तीसरा शीर्ष शहर बनकर बीजिंग से आगे निकल गया है। भारत की राजधानी नई दिल्ली भी पहली बार अरबपतियों के लिए शीर्ष 10 शहरों में शामिल हुई है। भारत की आर्थिक राजधानी में अब 92 अरबपति हैं। इलेन मस्क ने तीसरी बार अपने सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब बरकरार रखा, वहीं मुकेश अंबानी ने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब बरकरार रखा। गौतम अडानी ने अपनी संपत्ति में 62 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ सूची में 15वां स्थान हासिल किया। रिपोर्ट कहती है कि भारत के उत्थान के पीछे प्रमुख कारकों में से एक इसका मजबूत आर्थिक प्रदर्शन है। निवेशकों के विश्वास से प्रेरित मजबूत शेयर बाजारों ने धन सृजन के लिए उपजाऊ जमीन तैयार की है जबकि चीन जो एक पारंपरिक आर्थिक महाशक्ति है, उसके अरबपतियों की आबादी में गिरावट देखी गई। अरबपतियों के मामले में न्यूयॉर्क पहले नंबर पर है। यहां सबसे अधिक 119 अरबपति रहते हैं। इसके बाद लंदन आता है, जहां 97 अरबपति हैं। इस मामले में मुंबई तीसरे स्थान पर है। मुंबई में 26 नए अरबपतियों के कारण यह चीन की राजनीतिक और सांस्कृृतिक राजधानी बीजिंग से आगे निकल गया है, जबकि बीजिंग में 18 अरबपतियों की कमी आई है। मुंबई के कुल अरबपतियों की संपत्ति 445 अरब डॉलर है, जो पिछले साल से 47 फीसदी ज्यादा है, वहीं बीजिंग के कुल अरबपतियों की संपत्ति 265 अरब डॉलर है, जो 28 फीसदी कम हुई है। मुंबई के वेल्थ सेक्टर्स में एनर्जी और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं, जिसमें मुकेश अंबानी जैसे अरबपति का नाम शामिल है। रियल एस्टेट के खिलाड़ी मंगल प्रभात लोढ़ा और परिवार को सबसे ज्यादा वेल्थ मिली है। ग्लोबल रिच लिस्ट के अनुसार मुकेश अंबानी संपत्ति में बढ़ोतरी के साथ 10वें स्थान पर रहे, जिसका श्रेय मुख्य रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज को जाता है। इसी तरह गौतम अडाणी की संपत्ति में बढ़ोतरी के बाद वह वैश्विक रैंकिंग पर आठ पायदान ऊपर 15वें स्थान पर पहुंच गए हैं। एचसीएल के शिव नादर और उनके परिवार की संपत्ति और वैश्विक रैंकिंग दोनों बेहतर हुई है। वह 16 स्थान ऊपर 34 नंबर पर पहुंच गए हैं। ग्लोबल रिच लिस्ट में कुछ भारतीय अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग में हल्की गिरावट देखी गई है। सीरम इंस्टीट्यूट के साइरस एस पूनावाला की कुल संपत्ति 82 अरब डॉलर के साथ मामूली गिरावट पर रही। भारत के अरबपति ग्रुप में सन फार्मास्यूटिकल्स के दिलीप सांघवी (61वें स्थान) और कुमार मंगलम बिड़ला (100वें) का भी योगदान है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि देश में अरबपतियों की संख्या बढ़ रही है, जो हमारी अर्थव्यवस्था में सुधार की ओर इशारा कर रही है, इसी तरह देश में आम लोग गरीबी रेखा से ऊपर आएं तो यह हमारी अर्थव्यवस्था के लिए सबसे सुखद होगा।
बीजिंग बनाम मुंबई
