नई दिल्लीः सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी को उनके कर्मों का नतीजा बताया। शुक्रवार को अन्ना ने कहा कि मुझे केजरीवाल के हाल पर बिल्कुल भी दुख नहीं होता। मैंने उन्हें शराब पर नीति बनाने से रोका था, लेकिन वो नहीं माने। अन्ना ने कहा कि केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद नई शराब नीति को लेकर मैंने उन्हें दो बार चिट्ठी लिखी थी। मुझे दुख होता    है कि उन्होंने मेरी बात नहीं मानी और अब वो इसमें गिरफ्तार हो गए। जब केजरीवाल और मनीष सिसोदिया नए-नए हमारे साथ आए थे, तब मैंने कहा था कि हमेशा देश की भलाई के लिए काम करना। लेकिन उन्होंने इस बात को ध्यान में नहीं रखा। शराब घोटाले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उनके गुरु और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई है। रालेगण सिद्धि में अन्ना हजारे ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को उनकी करतूतों के कारण ईडी ने गिरफ्तार किया है। अन्ना का दावा है कि उन्होंने शराब नीति लागू नहीं करने के लिए दो बार केजरीवाल को चिट्ठी लिखी थी। अन्ना हजारे ने उनसे कहा था कि हमारा काम आबकारी नीति बनाने का नहीं है। छोटा बच्चा भी जानता है कि शराब खराब चीज है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को इससे बचने को कहा था। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि मेरी बात नहीं मानी गई और अब वह गिरफ्तार हो गए हैं। अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सोचा कि वह ज्यादा पैसा कमाएंगे और इसलिए शराब नीति बनाई। मुझे दुख हुआ और मैंने दो बार उन्हें पत्र लिखा। मुझे दुख हुआ कि केजरीवाल जैसा व्यक्ति शराब के लिए नीति बना रहा है, जिसने एक वक्त मेरे साथ काम किया था और अल्कोहल के खिलाफ आवाज उठाई थी। अगर केजरीवाल ने कुछ नहीं किया होता तो उन्हें गिरफ्तार करने का कोई सवाल नहीं उठता। अब कानून अपना काम करेगा और सरकार जरूरी कार्रवाई करेगी। जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आंदोलन के समय हमारे साथ आए थे, तो भी मैंने उन दोनों से कहा था कि देश की भलाई के लिए काम करना है। लेकिन दोनों ने मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में मैं उन्हें कोई सलाह नहीं दूंगा और साथ ही मुझे केजरीवाल के हालात पर कोई दुख नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कभी भी मेरी बात नहीं मानी, इसका मुझे दुख है।