बिहार के नेता पप्पू यादव ने बुधवार को अपनी जन अधिकार पार्टी (जाप) का कांग्रेस में विलय कर दिया। साथ ही औपचारिक रूप से नई दिल्ली में पार्टी में शामिल हो गए। उल्लेखनीय है कि पप्पू यादव की राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद विलय की अटकलें तेज हो गई थीं। जन अधिकार पार्टी का गठन 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के गठबंधन के खिलाफ एक एजेंडे के साथ किया गया था। अपनी पार्टी के कांग्रेस में विलय पर पप्पू यादव ने कहा कि यह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आशीर्वाद से हुआ है। राहुल गांधी की जमकर तारीफ करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि अब राहुल गांधी के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पप्पू यादव ने कहा कि लालू और कांग्रेस के साथ मिलकर हम 2024 और 2025 जीतेंगे। उल्लेखनीय है कि अपनी जन अधिकार पार्टी शुरू करने से पहले पप्पू यादव राजद, समाजवादी पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी के साथ थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पप्पू यादव को राजद से निकाले जाने के बाद जन अधिकार पार्टी की शुरुआत हुई। पप्पू ने कहा कि हालांकि पप्पू और लालू यादव के बीच कोई कड़वाहट नहीं है। मंगलवार को लालू और तेजस्वी के साथ उनकी मुलाकात के बाद लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में पार्टियों के पुनर्गठन की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। लालू यादव और मेरे बीच कोई राजनीतिक संबंध नहीं है, यह पूरी तरह से एक भावनात्मक रिश्ता है। कल हम सभी एक साथ बैठे थे। हमारी कोशिश किसी भी कीमत पर सीमांचल और मिथिलांचल में भाजपा को रोकने की है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने 17 महीने तक काम किया और विश्वास बनाया, राहुल गांधी ने दिल जीता और लोगों को उम्मीद दी। पूर्णिया मायने नहीं रखता, मायने रखता है भाजपा को रोकना और कमजोर वर्गों की पहचान और विचारधारा की रक्षा करना। हम कांग्रेस नेतृत्व के साथ मिलकर लड़ेंगे। जिसने इस देश का दिल जीत लिया, वही इस देश का पीएम बनेगा। राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का जन्म जन्म 24 दिसंबर 1969 को हुआ था। वे 1991, 1996, 1999, 2004 और 2014 में बिहार के कई निर्वाचन क्षेत्रों से निर्दलीय, सपा, लोक जनता पार्टी, राजद उम्मीदवार के रूप में लोकसभा में पहुंचे थे। उन्होंने 2014 में वरिष्ठ नेता शरद यादव को हराया था। उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से सांसद थीं, लेकिन 2019 के आम चुनाव में जद(यू) से हार गईं और वो अब कांग्रेस से राज्यसभा सांसद हैं। उनके बेटे सार्थक रंजन एक क्रिकेटर हैं और सार्थक ने भी आज कांग्रेस की सदस्यता ली। इस तरह जाप के कांग्रेस में विलय के साथ सार्थक ने भी अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। सनद रहे कि 2015 के बिहार चुनावों में पप्पू यादव ने अपनी जन अधिकार पार्टी बनाई और 40 सीटों पर चुनाव लड़ा। हालांकि पार्टी कोई प्रभाव डालने में विफल रही और मुश्किल से 2 प्रतिशत वोट हासिल कर सकी। वह महामारी और प्राकृृतिक आपदाओं के दौरान अपने धर्मार्थ कार्यों के लिए जाने जाते हैं। पप्पू यादव को बिहार के बाहुबली नेता होने के साथ ही गरीबों के मसीहा के रूप में भी जाना-पहचाना जाता है। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने बीते वर्ष 7 मई को ट्विटर के जरिए एक वीडियो पोस्ट जारी कर सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी पर कोरोना महामारी के दरमियान अपनी सरकारी निधि से खरीदे गए एंबुलेंस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था, उसके बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था और उसके बाद रुडी की लोकप्रियता में काफी कमी आई है। पप्पू यादव के कांग्रेस में शामिल हो जाने के साथ इंडिया गठबंधन की स्थिति सीमांचल, कोशी क्षेत्र और मिथिलांचल में काफी मजबूत हो गई है, जबकि दूसरी ओर इंडिया गठबंधन पूर्णिया, मधेपुरा और सुपौल में काफी मजबूत हो गया है। इसके अलावा इंडिया गठबंधन मिथिलांचल और सीमांचल में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। पप्पू का कांग्रेस या इंडिया गठबंधन में आना गठबंधन के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
पप्पू कांग्रेस में
