गुवाहाटीः विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) को लागू किया जाना, सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के लिए असम में एक प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा। केंद्र ने 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए तेजी से नागरिकता प्रदान करने के वास्ते नागरिकता (संशोधन) कानून को हाल में अधिसूचित किया था। राज्य में तीन चरणों में 19, 26 अप्रैल और सात मई को मतदान होगा।

राज्य में चुनाव के लिए  प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैंः 1. नागरिकताः सत्तारूढ़ भाजपा 31 दिसंबर 2014 से पहले आए बांग्लादेश के हिंदू बंगाली प्रवासियों को नागरिकता देने के वादे को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जबकि विपक्षी दल विदेशियों के खिलाफ छह साल के आंदोलन को समाप्त करने के लिए 1985 में हस्ताक्षरित असम समझौते के उल्लंघन का जिक्र कर सकते हैं।

2. उग्रवादः भाजपा सभी बोड़ो, कार्बी, डिमासा और आदिवासी उग्रवादी संगठनों के साथ अल्फा (वार्ता समर्थक) गुट को वार्ता की मेज पर लाकर और उन्हें पुनर्वास पैकेज की पेशकश करके राज्य में उग्रवाद को खत्म करने पर भी ध्यान केंद्रित कर सकती है।

3. बाल विवाह : राज्य में बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगा जिसे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान जगह मिलेगी और भाजपा का दावा है कि उन्होंने सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए कदम उठाया है जबकि विपक्ष सत्तारूढ़ दल पर विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगा सकता है।

4. समान नागरिक संहिता (यूसीसी)ः राज्य सरकार असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को निरस्त करके और बहुविवाह पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए एक कानून लाना चाहती है। विपक्षी दल इस मुद्दे को उठा सकते हैं क्योंकि उनका आरोप है कि यह मुसलमानों के प्रति भेदभावपूर्ण है और चुनावी वर्ष में मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए ऐसा किया गया है।

5. विपक्षी दल भाजपा को हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर घेर सकते हैं, खासकर धुबड़ी, करीमगंज और नगांव जैसे अल्पसंख्यक बहुल निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य कई इलाकों में।

6. ढांचागत विकासः भाजपा पिछले दस वर्षों के दौरान राज्यभर में सड़क, रेल, हवाई और इंटरनेट संपर्क को बढ़ाकर बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं को सामने रखेगी।

7. महिला मतदाताओं को लुभानाः भाजपा पिछले कुछ वर्षों से महिला मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 50 प्रतिशत हैं। विपक्षी दलों द्वारा महिला मतदाताओं को विभिन्न रियायतें देने की भी संभावना है।

8. चाय बागान मतदाताः भाजपा चाय बागान श्रमिकों के विकास के लिए की गई विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डालेगी जिसमें बागान क्षेत्रों में मॉडल स्कूल, उन्हें कोविड के दौरान बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करना, स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना शामिल है। विपक्ष भी मतदाताओं के इस वर्ग को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। 9.औद्योगिक विकासः हाल में प्रधानमंत्री द्वारा असम के मोरीगांव जिले में 27,000 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर सुविधा और परीक्षण सुविधा की आधारशिला रखी गई और सत्तारूढ़ दल प्रचार अभियान के दौरान औद्योगिक विकास के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का उल्लेख कर सकता है।

10. रोजगारः भाजपा युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों पर ध्यान केंद्रित कर सकती है, जबकि विपक्ष सत्तारूढ़ दल पर शिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करने के वास्ते पर्याप्त कदम नहीं उठाने के लिए निशाना साध सकता है।