शनिवार को भारत के निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव-2024 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी। इस घोषणा के साथ विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में चुनावी महापर्व का आगाज हो गया,जो केंद्र में नई सरकार बनने के साथ समाप्त हो जाएगा। यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समर्थकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। कारण कि यह स्पष्ट करेगा कि मोदी लगातार तीसरी बार देश की सर्वोच्च सत्ता पर विराजमान हो पाते हैं या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि इस यात्रा में कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी कहां खड़े हैं ? यह चुनाव असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है,क्योंकि इस चुनाव में मतदाता साबित करेंगे कि हिमंत की कांग्रेस मुक्त पूर्वोत्तर के नारे को किस हद तक स्वीकार किया गया है। सनद रहे कि लोकसभा की 543 सीटों के लिए सात चरण में मतदान होंगे। असम की 14 संसदीय सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण की 102 सीटों के लिए मतदान 19 अप्रैल को होगा, दूसरे चरण के लिए 26 अप्रैल को 89 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे, तीसरे चरण के लिए 7 मई को 94 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। 13 मई को 96 सीट के लिए मतदान होगा। 20 मई को 49 सीट, छठे चरण में 57 सीटों के लिए 25 मई को मतदान होगा और सातवें चरण में 57 सीटों के लिए 1 जून को वोट डाले जाएंगे और नतीजों की घोषणा 4 जून को होगी। इस बार लोकसभा चुनाव में करीब 96.8 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे,इसमे पुरुष वोटरों की संख्या 49.72 करोड़ है, जबकि महिला वोटरों की संख्या 47.15 करोड़, पहली बार वोट देने वाले यानी 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या 1.82 करोड़ है। 20 से 29 साल के युवा वोटरों की संख्या 19.74 करोड़ है। 82 लाख से ऊपर ऐसे लोग हैं जो 85 वर्ष की आयु से अधिक है,वहीं एक सौ साल से अधिक वोटरों की संख्या करीब 2.18 लाख है। लोकसभा चुनावों के साथ चार राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होंगे। ओडिशा में विधानसभा के चुनाव चार चरणों में होंगे। आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में विधानसभाओं का कार्यकाल भी जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है। इन चुनावों के अलावा तीन चरणों में 26 विधानसभा की सीटों के लिए उपचुनाव होंगे। विधानसभा के उपचुनाव के नतीजे भी 4 जून को आएंगे। भारत के चुनाव आयोग ने इस बार के आम चुनाव के लिए चुनाव का पर्व,देश का गर्व थीम दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की मानें तो भारत के चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर है। उन्होंने कहा सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव कराना चुनौती है। कुमार ने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव में 55 लाख इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा। चुनाव आयोग का कहना है कि वह पिछले दो साल से इन चुनावों की तैयारी कर रहा था। चुनाव आयोग ने बताया कि देश में पहली बार 85 साल से ऊपर के मतदाता को घर से मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा उन लोगों को भी दी जाएगी जो विकलांग हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह पर्यावरण के अनूकुल चुनाव कराने को प्रतिबद्ध हैं। उसने बताया कि वह कम से कम कागज के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है और मतदान के दौरान कम से कम कार्बन फुटप्रिंट्स पर जोर है। इसके लिए आयोग ने इको फ्रेंडली वाहनों के इस्तेमाल की योजना बनाई है। साथ ही पूरी तरह से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाई है और संचार के लिए इलेक्ट्रॉनिक मोड का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग ने चेताया है कि धनबल का इस्तेमाल करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और एजेंसियों के पास ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का पूर्ण अधिकार होगा। फेक न्यूज को रोकने के लिए आयोग ने कहा है कि लोग किसी मैसेज को आगे बढ़ाने से पहले उसे वेरिफाई कर लें। साथ ही आयोग फेक न्यूज के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह फर्जी खबरों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएगा। प्रचार के लिए बच्चों का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद लगाए हैं और विपक्ष उनकी जीत को रोकने के लिए पुरजोर कोशिश में जुटा हुआ है।
लोकतंत्र का महापर्व
