प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले 8 एवं 9 मार्च को असम और अरुणाचल के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कुल 73,100 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मोदी ने केवल असम की कुल 17,500 करोड़ रुपए की 12 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रमुख रहा है। इसके तहत राज्य के 5,55,555 परिवारों को आवास मुहैया कराया गया। इस पर कुल 8500 करोड़ रुपए की लागत आई है। देश में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पहली बार आवास उपलब्ध करवाया गया है। प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा के हिस्से के रूप में बरौनी-गुवाहाटी प्राकृृतिक गैस पाइपलाइन एवं नाहरकटिया-बरौनी कच्चे तेल पाइपलाइन के बरौनी-बंगाईगांव-गुवाहाटी खंड की पंपिंग क्षमता में वृद्धि की परियोजना का भी लोकार्पण किया गया।
न्यू बंगाईगांव-ग्वालपाड़ा-कामाख्या दोहरीकरण परियोजना के तहत धुपधरा-छयगांव खंड का दोहरीकरण एवं बंगाईगांव-रंगिया-आगियाथुरी दोहरीकरण परियोजना के तहत न्यू बंगाईगांव सरभोग खंड का दोहरीकरण का भी लोकार्पण प्रधानमंत्री के हाथों संपन्न हुआ। लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी है। असम के अलावे मणिपुर, नगालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम एवं अरुणाचल प्रदेश के लिए अलग से 55600 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। सर्वप्रथम प्रधानमंत्री 8 मार्च को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे जहां जीप की सफारी एवं हाथी की सवारी का लुत्फ उठाया। प्रधानमंत्री के काजीरंगा पहुंचने से लक्षद्वीप एवं द्वारिका के साथ-साथ काजीरंगा भी अचानक पर्यटन के पटल पर लोकप्रिय हो गया है।
मोदी ने देश के लोगों से काजीरंगा आकर प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने का आह्वान किया है। मोदी के दौरे से काजीरंगा में निश्चित रूप से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने जोरहाट में असम के वीर सपूत लाचित बरफुकन की प्रतिमूर्ति का अनावरण किया। वीर लाचित बरफुकन ने 1671 में सराईघाट युद्ध में मुगलों की सेना को असम से खदेड़ दिया था। वीर लाचित बरफुकन के पराक्रम के कारण ही मुगल सेना असम में घुस नहीं पायी। प्रधानमंत्री के द्वारा उनकी प्रतिमूर्ति के अनावरण से असम के वीर सपूत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मान्यता मिलेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र हमेशा से उपेक्षित रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में पिछले दस वर्षों से पूर्वोत्तर तेजी से अग्रसर हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की धरती से पूर्वोत्तर के बाकी छह राज्यों के लिए परियोजनाओं की झड़ी लगा दी। केवल अरुणाचल प्रदेश के लिए ही 41 हजार करोड़ से ज्यादा विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली जिला में दिबांग बहुद्देश्यीय पनबिजली परियोजना का शिलान्यास किया गया जिसको पूरा करने के लिए 31875 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह देश का सबसे ऊंचा बांध होगा। अरुणाचल की धरती से ही प्रधानमंत्री ने सेला सुरंग का उद्घाटन किया जो भारत को चीन के मुकाबले रणनीति बढ़त दिलाएगी। इससे भारतीय सैनिक बिना बाधा के जरुरत के अनुसार चीनी सीमा तक पहुंच सकेंगे।
मोदी के शासन में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए काफी तेजी से काम हुआ है। सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अनेक परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं तथा कई परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है। हवाई अड्डों की संख्या में दो गुना वृद्धि हो चुकी है, जबकि हवाई जहाज से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या पहले से काफी बढ़ चुकी है। पूर्वोत्तर के राज्यों की राजधानियों को रेल सेवा से जोडऩे के लिए भी तेजी से काम चल रहा है। कुल मिलाकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में चौतरफा विकास की बयार बह रही है।