मोदी सरकार ने विकास निधि के कुल आबंटन का 10 प्रतिशत पूर्वोत्तर को देने का जो निर्णय लिया था उसके तहत 2014 से 2024 तक प्रत्येक विभाग को करीब 3.37 लाख करोड़ दिए गए हैं और 2024 तक यह राशि 5 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी। पीएम डिवाइन योजना के तहत 2023 से 2026 तक पूर्वोत्तर के सामग्र विकास के लिए 6,600 करोड़ रुपए का निवेश की योजना 2014 तक पूर्वोत्तर में राष्ट्रीय राजमार्ग 8,480 किलोमीटर था जो 2014 से 2023 तक बढ़कर 15,735 किलोमीटर हुआ। आगत वर्षों में 1.6 लाख करोड़ रुपए के निवेश से पूर्वोत्तर में कई सड़कें, पुल, रोपवे, फ्लाइओवर, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क आदि निर्माण की योजना।250 हजार करोड़ रुपए की लागत से गुवाहाटी में रिंग रोड, नारंगी-कुरुवा संयोजी पुल, काजीरंगा में 38 किमी लंबा फ्लाईओवर, छह लेन वाली खानापाड़ा-जोराबाट सड़क, खानापाड़ा से एलजीबीआई हवाई अड्डे तक रोपवे आदि के निर्माण की योजना पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य को रेल मार्ग से जोडऩे के लिए कुल 19,155 करोड़ रुपए के निवेश से नए रेल मार्ग का निर्माण तथा पुराने रेल मार्गों के दोहरीकरण किया गया।

अमृत भारत योजना के तहत असम के 32 रेल स्टेशनों सहित पूर्वोत्तर में 35 रेल स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने की योजना गतिमान। असम में अत्याधुनिक हाइस्पीड विस्टाडोम और बंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई है जिससे पूर्वोत्तर के रेल यात्रियों को अधिक सुविधा प्राप्त हो रही है। पिछले नौ सालों में पूर्वोत्तर के दूर संचार के क्षेत्र में 3,464 करोड़ रुपए का निवेश। पूर्वोत्तर के 26.34 लाख परिवारों को नए बिजली कनक्शन दिए गए। स्वदेश दर्शन तथा प्रसाद योजनाओं के तहत पूर्वोत्तर में पर्यटन के विकास के लिए 1502.48 करोड़ रुपए आवंटित। राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत 208 प्रकार की सामग्रियां प्रस्तुत करने के लिए अब तक 162 हाइटेक, बड़े और छोटे बांस की नर्सरी की स्थापना। नौ सालों में पूर्वोत्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास के लिए कुल 31,793.86 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

आयुष्मान भारत मिशन के तहत 5,600 हेल्थ केयर और वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए। पीएम जन आरोग्य योजना के तहत 2018 से 2023 तक 10.7 लाख लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की गई। करीब 1120 करोड़ रुपए की लागत से गुवाहाटी के चांगसारी में पूर्वोत्तर के पहले एम्स की स्थापना की गई। केंद्र सरकार ने 2014 से पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा के लिए 14,009 करोड़ रुपए खर्च किए। नौ सालों में पूर्वोत्तर में 191 नए उच्च शिक्षानुष्ठानों की स्थापना की गई। कांग्रेस शासन की तुलना में भाजपा के शासनकाल में पूर्वोत्तर में 39 प्रतिशत विश्वविद्यालय और 40 प्रतिशत से अधिक केंद्रीय शिक्षानुष्ठानों की स्थापना की गई।

ईशान उदय योजना के तहत पूर्वोत्तर के 44,000 छात्र-छात्राओं को करीब 661 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति दी गई। खेलो इंडिया योजना के तहत 423.1 करोड़ रुपए की लागत से 62 नई खेल परियोजनाएं स्थापित की गई। 2020-23 तक गरीब कल्याण योजना के तहत पूर्वोत्तर में 30,000 करोड़ रुपए खर्च किए गए। -राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पूर्वोत्तर में 64,684 करोड़ रुपए की राज सहायता प्रदान की गई। एमजी एनरेगा के तहत 2016 से 2023 तक 36,000 करोड़ रुपए की लागत से 163 कार्य दिनों के रोजगार देने की व्यवस्था की गई। जल जीवन मिशन के तहत लगभग 1 करोड़ 10 लाख परिवारों को पाइप के जरिए पेय जल आपूर्ति कराई गई। 

उड़ान योजना के तहत इन 10 वर्षों में आठ नए हवाई अड्डों का निर्माण किया गया है और 71 नए हवाई मार्ग शुरू किए गए हैं। डोनर मंत्रालय का बजट 153 प्रतिशत बढ़ गया है। उग्रवाद की घटनाओं में भारी कमी आई है, क्योंकि पिछले पांच वर्षों में उग्रवादी समूहों के 8,900 से अधिक सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है और मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।  पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता लाने के लिए मोदी सरकार ने नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए और इनके माध्यम से कई लंबित कानून-व्यवस्था के मुद्दों को सफलतापूर्वक हल किया गया। असम और मणिपुर के कुछ हिस्सों को छोड़कर, 2018 में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) के तहत आने वाले 75 प्रतिशत क्षेत्र अब इसके अंतर्गत नहीं हैं।