पूर्वांचल प्रहरी नगर संवाददाता जोरहाट : दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कल शनिवार को जोरहाट आगमन को लेकर तैयारियां पूरी ली गई है। कार्यक्रम के तहत पीएम मोदी अरुणाचल प्रदेश में कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए वे जोरहाट के होलोंगापार पहुंचेंगे। होलोंगापार स्थित लाचित मैदाम में प्रधानमंत्री मोदी महावीर लाचित बरफुकन की विशालकाय प्रतिमा 'वीरता की मूर्ति' का लोकार्पण करेंगे। साथ ही ताई आहोम की परंपरा के अनुरूप लाचित बरफुकन के समाधि स्थल पर तर्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस संबंध में जिला आयुक्त पुलक महंत ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि दोपहर 12.05 बजे प्रधानमंत्री लाचित मैदान के पास बने हेलीपैड पर उतरेंगे। वे लाचित बरफुकन की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद यहां लगभग 20 मिनट तक ठहरेंगे। मोदी लाचित मैदान से सड़क मार्ग के जरिए सभा स्थल मेलेंग मेटेली पथार पहुंचेंगे।

दोपहर 12.45 से 1.25 बजे तक सभा को संबोधित करने के बाद दोपहर 1.30 बजे हेलीकॉप्टर में सवार होकर जोरहाट के रोरैया एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। दोपहर दो बजे विशेष विमान में सवार होकर प्रधानमंत्री जोरहाट से प्रस्थान करेंगे। इस तरह मोदी महज दो घंटे के भ्रमण के दौरान सभी कार्यक्रमों को निपटाएंगे। इधर पुलिस अधीक्षक श्वेतांक मिश्रा ने कहा कि जनसभा में लगभग दो लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं मेलेंग मेटेली मैदान में होने वाली जनसभा में पीएम मोदी असम के विकास कार्यों से जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन व आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी एक साथ 5,55,555 प्रधानमंत्री आवास योजना के हिताधिकारियों को घर प्रदान करेंगे।

मालूम हो कि देशभर में यह पहला अवसर है, जब पीएम मोदी एक ही मंच से इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाएंगे। इसके अलावा तिनसुकिया मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन तथा शिवसागर मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी इसी मंच से करेंगे। उल्लेखनीय है कि जोरहाट में मुख्य कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री मोदी कल जैसे ही महावीर लाचित की 125 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे, दुनिया भर की नजर एक बारगी यहां पर टिक जाएगी। महावीर लाचित की इस प्रतिमा को स्टेच्यू ऑफ वेलौर अर्थात शूरता का प्रतीक नाम दिया गया है। युद्ध भूमि में सैन्य दल को आक्रमण का आदेश देते हुए योद्धा के स्वरूप में लाचित को दर्शाया गया है। मालूम हो कि राज्य सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी इस प्रकल्प में हर उस चीज का समावेश किया गया है, जो गौरव की भावना जगाने के साथ ही लोगों को यहां आने के लिए आकर्षित करेगी।

गौरतलब है कि साल 2022 की 25 फरवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस प्रकल्प की नींव रखी थी। हालांकि यहां निर्माण कार्य गत साल जनवरी महीने से शुरू हुआ। वहीं अब साल भर बाद इसके उद्घाटन से सरकार की संकल्पशीलता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता नजर आती है। होलोंगापार स्थित लाचित मैदाम में प्रधानमंत्री कल दोपहर लगभग एक बजे पहुंचेंगे तथा वहां वीरता की मूर्ति का लोकार्पण करने के बाद वे चार किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से तय करते हुए मेलेंग मेटेली स्थित सभा स्थल पहुचेंगे। लाचित मैदाम से मेलेंग मेटेली तक आने वाले घुमावदार रास्ते पर दोनों तरफ बांस की बैरिकेडिंग की गई है। साफ है कि प्रधानमंत्री जब यहां से गुजरेंगे तो बैरिकेडिंग के दोनों तरफ खड़े होकर लोग पीएम का दीदार ले सकेंगे। मेलेंग मेटेली पथार स्थित सभा स्थल पर भी तैयारियां अंतिम चरण में है। सभा स्थल के नजदीक तीन अस्थायी हेलिपैड तैयार किए गए हैं। साथ ही विशालकाय मंच पर आहोम संस्कृति की छाप उकेरी गई है।