इटानगर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ मार्च को अरुणाचल प्रदेश का एक दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान वह सेला सुरंग सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। सेला सुरंग से चीन की सीमा से लगे तवांग तक हर मौसम में ‘कनेक्टिविटी’ सुविधा मिलेगी। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम कामेंग जिले के बैसाखी में आयोजित एक समारोह में सेला सुरंग राष्ट्र को समर्पित करेंगे। अधिकारी  ने कहा कि पड़ोसी राज्य असम के दौरे पर जाने से पहले वह लगभग 20 विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि 13,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित सेला सुरंग से अरुणाचल प्रदेश के तवांग को हर मौसम में ‘कनेक्टिविटी’ सुविधा मिलेगी। सेला सुरंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास है। यही वजह है कि यह सुरंग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। सेला दर्रे के पास स्थित सुरंग की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और बर्फबारी के कारण बालीपाड़ा-चारीद्वार-तवांग मार्ग लंबे समय तक बंद हो जाता है। यह सुरंग चीन-भारत सीमा पर अग्रिम क्षेत्रों में सैनिकों, हथियारों और मशीनरी की शीघ्र तैनाती कर एलएसी पर भारतीय सेना की क्षमताओं को बढ़ाएगी।  प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2019 में इस परियोजना की नींव रखी थी, जिसकी लागत 697 करोड़ रुपए आंकी गई थी। लेकिन कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न कारणों से सुरंग के निर्माण कार्य में देरी हुई।