नए किसान कानून के विरोध में तथा सन 2020 के बिजली बिल को रद्द करने की मांग के विरुद्ध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आवाहन किया गया भारत बंद लखीमपुर में पूरी तरह विफल रहा । संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आवाहन किए गए आज के इस भारत बंद को सफल करने हेतु लखीमपुर जिले के ए•आई•के•के•एम•एस, सुसी (कम्युनिस्ट), इत्यादि जैसे संगठनों ने अपना पूर्ण समर्थन भी दिया था लेकिन विगत 2 सालों से कोरोना की मार झेल रहे लखीमपुर वासियों ने आज के इस भारत बंद को खारिज करने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी । आज इस बंद के दौरान शहर के बाजार पूरी तरह खुले रहे लेकिन बाहर से आने वाले वाहनों की आवाजाही ना के बराबर थी जिसका मुख्य कारण था बंद के दौरान चलने वाले वाहनों पर बंद समर्थकों का पत्थर मारकर वाहनों के शीशे फोड़ने का भय । क्योंकि वाहन मालिकों को बंद के दौरान चलाए गए वाहनों का होने वाले नुकसान की भरपाई हर्जाना इंश्योरेंस कंपनी नहीं करती । संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आवाहन किए गए इस बंद को पूर्ण रूप से सफल करने हेतु सुबह सुबह चार से पांच बंद समर्थकों ने लखीमपुर शहर के बाजार में व्यवसायियों को अपने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान को बंद कर इस भारत बंद का समर्थन करने का आह्वान भी किया था । लेकिन व्यवसायियों ने उनके द्वारा किए गए बंद को नजर अंदाज करते हुए अपने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय के अनुसार खोला। उसके पश्चात लगभग 12 बंद समर्थकों ने शहर के मध्य स्थित तथा शहर की अति व्यस्त रहने वाली मालपानी चाराली मैं अपना बैनर लेकर इस बंद को सफल करने हेतु गगनभेदी नारे भी लगाए जिनको लखीमपुर पुलिस द्वारा अपने हिरासत में ले लिया गया जिन्हें बाद में शाम को छोड़ दिया गया ।