पूर्वांचल प्रहरी डेस्क/निज संवाददाता सिलचर/गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शुक्रवार को राज्य के व्यापक विकास के लिए निरंतर प्रयासों के साथ शुरू की गई विकास यात्रा के तहत बराक घाटी में करीब 2000 करोड़ रुपए की लागत से कई परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने सिलचर शहर में 265 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया सिलचर कैंसर केंद्र का उद्घाटन किया। सिलचर कैंसर सेंटर का प्रबंधन असम सरकार और टाटा ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से असम कैंसर केयर फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। साथ ही इसमें विभिन्न प्रकार की घातक बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने अटल शहरी परिवर्तन कायाकल्प मिशन (अमृत) के तहत 178 करोड़ रुपए की लागत से विकसित सिलचर टाउन जल आपूर्ति परियोजना को आंशिक रूप से चालू किया। उन्होंने अमृत 2.0 के तहत सिलचर जल आपूर्ति परियोजना के चरण-2 की आधारशिला भी रखी, जिसके लिए 35 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। उन्होंने लखीपुर में 127 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 100 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल और लखीपुर और धलाई में दो सरकारी कॉलेजों की डिजिटल रूप से आधारशिला भी रखी, जिसके लिए कुल 70 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। उन्होंने चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न चाय बागानों के प्रबंधन को कुल 53 एम्बुलेंस भी सौंपीं। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं का आज शिलान्यास किया गया। लखीपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि 1200 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं जिनका या तो उद्घाटन  किया गया या शिलान्यास किया गया, उनमें सामान्य रूप से कछार जिले और विशेष रूप से लखीपुर के निवासियों की कई लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की क्षमता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिलचर शहर में सिलचर कैंसर केंद्र के उद्घाटन समारोह के मौके पर आयोजित एक समारोह को संबोधित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सिलचर कैंसर केंद्र बराक घाटी क्षेत्र के कैंसर रोगियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी मोर्चों पर राज्य की प्रगति में एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के महत्व से अवगत है। समारोह में स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत, असम कैबिनेट में मंत्री परिमल शुक्लवैद्य, संसद सदस्य डॉ. राजदीप राय और पल्लव लोचन दास, विधान सभा सदस्य कौशिक राय, दीपायन चक्रवर्ती, मिहिर कांति शोम सहित  कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने आरके नगर में 578 करोड़ रुपए की लागत से 115 बीघे जमीन पर करीमगंज मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने 144.29 करोड़ रुपए की लागत से 27 सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 93.42 करोड़ रुपए की लागत से 29.28 किलोमीटर लंबी एक अन्य सड़क परियोजना के भूमि पूजन समारोह में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने 46 गांवों को लाभान्वित करने के लिए 46.75 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सार्वजनिक स्वास्थ्य तकनीकी विभाग की 31 पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने 6.10 करोड़ रुपए की लागत से दो सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास और 9.90 करोड़ रुपए की लागत से सिंचाई विभाग की एक अन्य परियोजना का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने मैत्री योजना के तहत 2.77 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्निर्मित पुलिस स्टेशन का भी उद्घाटन किया। इस उपलक्ष्य में करीमगंज में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा,1968 में बराक घाटी में पहली बार सिलचर मेडिकल कॉलेज का काम शुरू हुआ था। इसके बाद पिछले 55 वर्षों में कोई नया मेडिकल कॉलेज नहीं बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीमगंज मेडिकल कॉलेज का काम चार साल में पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल पाथरकांडी में असम कृषि विश्वविद्यालय का एक नया परिसर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि करीमगंज के विकास के लिए हर पार्टी एक साथ खड़ी है। अगर हर राजनीतिक दल, हर धर्म और समुदाय मिलकर काम करें तो असम सर्वश्रेष्ठ राज्य बन जाएगा। उन्होंने कहा कि 42 लाख लोगों को नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में 16 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिल सका है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को घर नहीं मिले हैं उनके लिए जियोट्रैकिंग फिर से खोली जाएगी।