नई दिल्लीः ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को रणजी ट्रॉफी में खेलने के निर्देशों का पालन नहीं करना भारी पड़ा और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इन दोनों को केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया, जबकि उम्मीद के मुताबिक कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को इस वर्ष के लिए बुधवार को जारी अनुबंध में शीर्ष वर्ग में बरकरार रखा। राष्ट्रीय टीम में नहीं होने के बावजूद 25 वर्षीय किशन झारखंड की तरफ से रणजी ट्रॉफी में नहीं खेले और उन्होंने इसके बजाय अगले महीने शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की तैयारी पर ध्यान दिया। वह दिसंबर में निजी कारणों से दक्षिण अफ्रीका के दौरे के बीच में से स्वदेश लौट आए थे और इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली। दूसरी तरफ अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के बाद भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद मुंबई के बड़ौदा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल के लिए खुद को उपलब्ध नहीं रखा था। उन्हें हालांकि 2 मार्च से शुरू होने वाले रणजी सेमीफाइनल के लिए मुंबई की टीम में चुना गया है। बीसीसीआई ने 2023-24 के लिए केंद्रीय अनुबंधों की घोषणा करते हुए खिलाड़ियों को फिर से सलाह दी कि जब वह राष्ट्रीय टीम की तरफ से नहीं खेल रहे हो तो घरेलू क्रिकेट में खेलने को प्राथमिकता दें। बीसीसीआई ने बयान में कहा कि कृृपया ध्यान दें कि वार्षिक अनुबंध के लिए श्रेयस अय्यर और ईशान किशन के नाम पर विचार नहीं किया गया। बीसीसीआई ने सिफारिश की है कि सभी खिलाड़ी जब राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हों तो वे घरेलू क्रिकेट में खेलने को प्राथमिकता दें। बीसीसीआई ने किशन और अय्यर को केंद्रीय अनुबंध से बाहर रखकर उन युवा खिलाड़ियों को कड़ा संदेश दिया है जो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने के बजाय आईपीएल अनुबंध हासिल करने पर अधिक ध्यान देते हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाला पांचवा और अंतिम मैच अश्विन का टेस्ट क्रिकेट में 100वां मैच होगा।  सिराज पहले बी वर्ग में थे, लेकिन उन्हें अब ए वर्ग में रखा गया है जबकि अक्षर पटेल को ए वर्ग से हटाकर बी वर्ग में शामिल किया गया है। पंत पिछले साल ए वर्ग में थे लेकिन दिसंबर 2022 में सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्होंने कोई क्रिकेट मैच नहीं खेला है और इसलिए उन्हें नवीनतम अनुबंध में बी वर्ग में रखा गया है। बीसीसीआई ने 15 खिलाड़ियों को सी वर्ग में रखा है। जिन खिलाड़ियों ने एक निश्चित अवधि के अंदर कम से कम तीन टेस्ट या आठ एकदिवसीय या 10 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हो उन्हें स्वतः ही सी वर्ग में जगह मिल जाती है। जैसे कि ध्रुव जुरेल और सरफराज खान ने अभी तक केवल दो टेस्ट मैच खेले हैं और इंग्लैंड के खिलाफ 7 मार्च से धर्मशाला में होने वाले पांचवें और अंतिम मैच में खेलने पर उन्हें वर्ग सी में शामिल कर दिया जाएगा। जिन प्रमुख खिलाड़ियों ने अपना वार्षिक अनुबंध गंवाया है उनमें चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन, उमेश यादव और युजवेंद्र चहल भी शामिल हैं। बीसीसीआई ने इसके साथ ही मानदंडों से हटकर इस बार चारों वर्गों में शामिल खिलाड़ियों को वार्षिक अनुबंध के लिए मिलने वाली धनराशि का उल्लेख नहीं किया है। आमतौर पर ए प्लस वर्ग में शामिल खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 7 करोड़, ए वर्ग के खिलाड़ियों को 5 करोड़, बी वर्ग के खिलाड़ियों को तीन करोड़ और सी वर्ग के खिलाड़ियों को एक करोड रुपए की धनराशि दी जाती है। यह धनराशि उनकी मैच फीस से इतर होती है।