गुवाहाटी : असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा बृृहस्पतिवार को बरपेटा रोड के सपूत, पूर्वोत्तर हिंदी पत्रकारिता के लौह पुरुष, पूर्वांचल प्रहरी के संस्थापक संपादक, जीएल पब्लिकेशंस के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) स्वर्गीय जीएल अग्रवाला की मूर्ति का अनावरण बरपेटा रोड स्थित विष्णु-ज्योति सरोवर में करेंगे। बरपेटा रोड साहित्य सभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री रंजीत कुमार दास सहित साहित्य सभा और जीएलपी सोशल सर्किल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। बताते चलें कि राज्य सरकार के मंत्री रंजीत कुमार दास और बरपेटा के आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने बरपेटा रोड साहित्य सभा और जीएलपी सोशल सर्किल के पदाधिकारियों से बातचीत करके तैयारी का जायजा लिया। इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी। बरपेटा रोड साहित्य के अध्यक्ष हितेश दास और सचिव कुलेन चौधरी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी को सादर आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अग्रवाला ने साहित्य, समाज और संस्कृृति को बढ़ावा देते हुए वृहत्तर असमिया समाज को आगे बढ़ाने में अपनी महती भूमिका निभाई थी। उन्होंने असम साहित्य सभा के बरपेटा रोड में आयोजित बरपेटा रोड साहित्य सभा के अधिवेशन की स्वागत समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई थी और उस अधिवेशन की सफलता को लोग आज भी याद करते हैं। दूसरी ओर स्वर्गीय अग्रवाला ने असम साहित्य की ओर से प्रकाशित असमिया शब्द कोश को प्रकाशित करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही असमिया साहित्य-स्तंभ ‘जोनाकी’ का प्रकाशन असम साहित्य सभा के तत्वावधान में स्वर्गीय जीएल अग्रवाला ने ही करवाया था। इसके लिए स्वर्गीय अग्रवाला को असम साहित्य सभा की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया था। ‘जोनाकी’ के विभिन्न अंकों को संकलित कर उन्हें सजाने-संवारने वाले साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष नगेन सैकिया ने अपने संबोधन में उस दिन को असम के लिए अति महत्वपूर्ण और आविष्कार दिवस बताया था। उल्लेखनीय है कि 11 सालों तक सरकारी फाइलों में प्रकाशन के लिए बंद पड़ी ‘जोनाकी’ का संकलन के रूप में प्रकाशित करवाकर स्वर्गीय अग्रवाला ने ऐतिहासिक कार्य किया था। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अग्रवाला ने जीएल पब्लिकेशंस के सीएमडी के रूप में चार दैनिक समाचार पत्रों-पूर्वांचल प्रहरी, आमार असम, नार्थ ईस्ट टाइम्स और मेघालय गार्जियन का प्रकाशन शुरू किया, जो पूर्वोत्तर की पत्रकारिता के मुख्य शक्ति के रूप में अब तक जारी है। साथ ही इस क्षेत्र की राजनीति, समाज और संस्कृृति को आज भी दिशा प्रदान कर रहा है। स्वर्गीय अग्रवाला ने जीएसपी सोशल सर्किल के माध्यम से समाज के हरेक वर्ग की सेवा की। हजारों लवारिश लाशों का निःशुल्क अंतिम संस्कार करवाकर मानवता के क्षेत्र में ऐसा कार्य किया,जिसकी देश-विदेश में कम ही मिशाल मिलती है। दूसरी ओर जीएलपी सोशल सर्किल के माध्यम से हजारों लाशों को एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से उनके परिजनों तक भिजवाया। उन्होंने ऐसा करके दुर्लभ कार्य को सुलभ बनवाया। उन्होंने जिस परंपरा की शुरुआत की थी, वह आज भी जारी है। उन्होंने अखंड भागवत पाठ और प्रवचन एवं समन्वय सद्भाव के माध्यम से गुवाहाटी सहित राज्य के विभिन्न भागों में असमिया संस्कृृति और गुरु परंपरा की महिमा को आम लोगों में प्रतिष्ठित करने में ऐसा महती कार्य किया, जिसे सभी समाज के लोग आज भी याद करते हैं। दूसरी ओर उन्होंने समन्वय के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य किए, जिनके उदाहरण बहुत ही कम मिलते हैं। उन्होंने बिहू, होली और अन्य कई मौके पर कार्यक्रम आयोजित करवाकर लोगों के बीच जाति, धर्म और समुदाय से इतर समन्वय स्थापित करने का संदेश दिया, जिसने वृहत्तर असमिया समाज को एक मंच पर लाने का काम किया। उनकी सेवा को मान्यता देते हुए असम सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करवाया था। आज जब मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा उनकी प्रतिमा का अनवारण करने जा रहे हैं, तो इस मौके पर उनका संपूर्ण व्यक्तित्व और कृृतित्व चलचित्र की तरह एक-एक करके मन-मस्तिष्क पर आने लगे हैं। उन्होंने मानवता के क्षेत्र में इतने कार्य किए हैं, जिनको एक-एक करके चित्रण करना संभव नहीं है। वैसे भी उनके व्यक्तित्व और कृृतित्व को महज कुछ शब्दों में समेट पाना मुमकिन नहीं है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पूर्वांचल प्रहरी परिवार आपको नम आखों से श्रद्धा के साथ याद करता है और श्रद्धा सुमन अर्पित करता है।
मुख्यमंत्री समन्वय पुरुष स्वर्गीय जीएल अग्रवाला की मूर्ति का अनावरण करेंगे आज