पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : अंततः भाजपा के सहयोगियों में से एक एजीपी एक निर्वाचन क्षेत्र मिलने पर ही संतुष्ट हो गई है। बरपेटा, धुबड़ी, काजीरंगा और शोणितपुर लोकसभा क्षेत्रों पर दावा करने वाली एजीपी नेतृत्व को केवल एक लोकसभा क्षेत्र से ही संतोष करना पड़ा है। इसी तरह भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के अन्य सहयोगी यूपीपीएल को कोकराझाड़ लोकसभा क्षेत्र दिया गया है। अब भाजपा 12 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनाव के निर्वाचन क्षेत्र बांटते समयं एजीपी नेतृत्व एक ही सीट लेकर संतुष्ट रहे। एक विधानसभा क्षेत्र लेकर संतुष्टि जाहिर करते हुए एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि भाजपा के साथ सीटों के समझौते को लेकर अभी तक हमारी कोई चर्चा नहीं हुई है। हमें नहीं पता कि किसने किसको क्या दिया, क्या नहीं दिया। इस समय हमारे पास एक भी सांसद नहीं है। हमने बार-बार कहा है कि हमें इस बार लोकसभा में सीट सुरक्षित रखना है। इस बार लोकसभा में हमारी सीट सुरक्षित रहेगी। गौरतलब है कि आमबाड़ी में एजीपी की अहम बैठक में लोकसभा चुनाव समेत कई अहम फैसले लिए गए हैं। असम गण परिषद की आमबाड़ी स्थित पार्टी मुख्यालय में सोमवार को नवगठित केंद्रीय कार्यकारी समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में लोकसभा चुनाव और पार्टी संगठन पर विस्तार से चर्चा की गई और असम गण परिषद के उम्मीदवारों और गठबंधन के उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की रणनीति अपनाई गई। बैठक में बूथ स्तर से संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने के लिए संगठनात्मक बैठकें एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले लिए गए। बैठक में पार्टी के वार्षिक कार्यक्रम का मसौदा तैयार करने के लिए कई पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई और पार्टी के समाचार पत्र गणवार्ता की संपादकीय समिति और विधान परिषद का भी गठन किया गया। बैठक में अध्यक्ष अतुल बोरा ने सभी से अगले दो महीनों में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए सक्रिय रूप से खुद को समर्पित करने का आग्रह किया और सभी सदस्यों से पार्टी अनुशासन का पालन करने और सभी वर्गों के लोगों के बीच पार्टी के लाभ के लिए काम करने का आग्रह किया। पार्टी राज्य के विकास और प्रगति के साथ-साथ राष्ट्रीय हित के लिए प्रतिबद्ध है। बोरा ने आगे कहा कि जब क्षेत्रवाद को मजबूत किया जाएगा और असम के मूल निवासियों की रक्षा की जाएगी तभी असम गण परिषद मजबूत होगा। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया और कहा कि पार्टी के सभी स्तरों पर पदाधिकारियों और सदस्यों की गतिविधियों से पार्टी को नई गति मिलेगी। बैठक में वरिष्ठ नेता फणी भूषण चौधरी ने प्रत्येक सदस्य से पार्टी को मजबूत करने के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाने का आग्रह किया। वहीं दूसरी ओर सोमवार को अगप मुख्यालय पर विभिन्न दलों और संगठनों के 200 से अधिक पदाधिकारी व सदस्य असम गण परिषद में शामिल हो गए। गरिया मरिया देशी जातीय परिषद के मुख्य सलाहकार और पूर्व अध्यक्ष शाह नवाज हुसैन सहित अखिल असम छात्र संघ, असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद, असम जातीय परिषद के पदाधिकारी एजीपी में शामिल हुए। इस बीच, असम गण परिषद के संस्थापकों में से एक, पूर्व महासचिव और पूर्व मंत्री नगेन शर्मा की 24वीं पुण्य तिथि आज अंबारी स्थित असम गण परिषद कार्यालय में मनाई गई।