पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : राज्य में फिर से सीएए विरोधी आंदोलन शुरू होगा। भाजपा सरकार आगामी लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी करने से पहले नागरिकता संशोधन कानून (का) को लागू करने की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार द्वारा असम पुलिस को भेजा गया एक जरूरी संदेश के बाद असम पुलिस सक्रिय हो उठी है। देश भर में का लागू होने पर असम में हिंसक विरोध प्रदर्शन के डर से पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां खारिज कर दी हैं। गृह मंत्रालय के एक शीर्ष सूत्र ने पुष्टि की कि चिकित्सा और अपरिहार्य समस्याओं के अलावा अन्य किसी भी कारण से पुलिस अधिकारियों और जवानों के छुट्टी आवेदन स्वीकार नहीं करने के लिए शीर्ष पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। यदि इस वर्ष का विरोधी आंदोलन हिंसक रूप लेता है तो संबंधित पुलिस स्टेशनों के ओसी और का विरोधी आंदोलन के प्रभारी अन्य अधिकारियों को विभागीय दंड का सामना करना पड़ेगा। पुलिस मुख्यालय ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर का विरोधी आंदोलन सड़कों पर उतरा तो संबंधित पुलिस अधिकारियों और जवानों को न केवल निलंबित कर दिया जाएगा, बल्कि बर्खास्त भी किया जा सकता है। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस जरूरी संदेश जारी करने के बाद शीर्ष अधिकारियों ने अपने जिलों के सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को छुट्टी देने से इनकार कर दिया है। यहां तक कि पुलिस ने जिले दर जिले विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए सख्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। राज्य के अन्य जिलों के साथ विशेष रूप से गुवाहाटी शहर में का विरोधी आंदोलन पहले की तरह किसी भी तरह से हिंसक न हो जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने स्वयं 11 फरवरी को प्रत्येक थाने के ओसी के साथ बैठक की और उन्हें आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। असम पुलिस मुख्यालय की इस पहल से एक बात तो तय है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसी भी वक्त का नियम बनाकर असम सहित देशभर में लागू करेगी।
केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में लागू करेगी सीएए