पुरुषों की तुलना में महिलाओं का बायोलॉजिकल स्ट्रक्चर अलग है, जिस वजह से उनकी बेहतर सेहत के लिए पोषक तत्वों की भी जरूरत कुछ अलग रहती है। उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव उम्र के कई स्टेज पर होता है जिसका असर उनकी सेहत पर डायरेक्ट पड़ता है। ऐसे में अगर महिलाएं अपनी डाइट में कुछ जरूरी विटामिन को शामिल कर लें तो परेशानियां कम होगी और वे लंबी उम्र तक खुद को हेल्दी रख पाएंगी।
वेबएमडी के मुताबिक, महिलाओं के डाइट में एंटीऑक्सीडेंट रिच फूड को शामिल करना जरूरी होता है जो रेटिनॉल, बीटा कैरोटीन, और कैरोटीनॉयड की कमी को दूर करता है। इसके अलावा विटामिन सी और विटामिन ई भी महिलाओं के लिए जरूरी हैं। ये सभी एंटीऑक्सीडेंट हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाने का काम करते हैं और कई बीमारियों से बचा सकते हैं। यह कैंसर जैसी बीमारी के जोखिम को भी कर करने में मदद कर सकता है।
दरअसल, बीटा कैरोटीन यानी विटामिन ए आंखों की रोशनी को बढ़ाने, स्किन और सॉफ्ट टीश्यू को हेल्दी रखने में मदद करता है। अगर आप डाइट में पंपकिन सीड, गाजर, अमरूद, केल, पीच, रेड पेपर, पालक, टमाटर आदि को शामिल करें तो यह महिलाओं को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है। शोध में पाया गया है कि ये हमारी इम्यूनिटी को तेजी से बढ़ाता है और शरीर को किसी तरह के संक्रमण से बचाने का काम करता है।
विटामिन सी, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, यह घावों को भरने में और शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है। यह नॉरपेनेफ्रिन नामक ब्रेन कैमिकल को बढ़ाने में मदद रकता है, जिससे आप अधिक सतर्क महसूस करते हैं और आपकी एकाग्रता तेजी से बढ़ती है। शोधों में पाया गया है कि अगर आप स्ट्रेस में रहती हैं तो या उम्र बढ़ रही है और आपके एस्कॉर्बिक एसिड का स्तर कम होता जाता है ता आपको ब्रोकोली, अंगूर, कीवी, संतरे, मिर्च, आलू, स्ट्रॉबेरी और टमाटर आदि का सेवन जरूर करना चाहिए।
महिलाओं को अपनी डाइट में विटामिन ई जिसे टोकोफेरॉल भी कहा जाता है, जरूर शामिल करना चाहिए। इसमें टोकोट्रिएनोल्स पाया जाता है जो कोशिकाओं को हेल्दी रखने में मदद करता है जिससे एजिंग प्रोसेस की रफ्तार को कम किया जा सकता है। हालांकि अधिक सेवन ब्लीडिंग की वजह बन सकता है। आप मकई के तेल, कॉड-लिवर तेल, हेज़लनट्स, पीनट बटर, सनफ्लावर ऑयल, सनफ्लावर सीड, गेहूं आदि का सेवन करें तो इसकी आपूर्ति आसानी से हो सकती है।
बी विटामिन तीन तरह के होते हैं- विटामिन बी 6, बी 12, और फोलिक एसिड। ये तीनों ही महिलाओं के लिए बहुत जरूरी होते हैं। विटामिन बी6 को पाइरिडोक्सिन के नाम से भी जाना जाता है जो ब्रेन को अच्छी तरह से काम करने और भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। हालांकि एक बार में अधिक मात्रा में इसका सेवन खतरनाक हो सकता है। इसके लिए महिलाएं अपने डाइट में मछली, आलू, छोले, एवोकैडो, केले, बीन्स, अनाज, मांस, दलिया और किचनक आदि शामिल करें।
विटामिन बी12 मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने के लिए जरूरी माना जाता है जो बॉडी में रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बेहतर बनाता है। आप इसे पनीर, अंडे, मछली, मांस, दूध और दही से प्राप्त कर सकते हैं। महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या काफी देखने को मिलती है, ऐसे में उन्हें बी 12 का अपने डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।
फोलेट यानी कि फोलिक एसिड ब्रेन और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। यह डीएनए का कैंसर में बदलने से भी रोकने का काम करता है। यह भी रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन में मदद करता है और एनीमिया की समस्या को दूर रखता है। प्रेगनेंट महिलाओं को तो विशेष रूप से फोलेट का सेवन करना चाहिए। फोलेट की अपूर्ति के लिए आप पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल, खरबूजे, स्ट्रॉबेरी, अनाज, फलियां, छोले, काली फलियां, राजमा, अंडे और लीवर आदि खाना चाहिए। महिलाओं के लिए विटामिन डी भी काफी जरूरी है। यह हार्मोनल असंतुलन का रोकता है और कैल्शियम व फास्फोरस की मदद से हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है। जब आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है तो शरीर आपकी हड्डियों से कैल्शियम और फास्फोरस लेने लगता है जिससे बोन्स कमजोर होने लगते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या जन्म लेने लगती हैं।