पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनावों में असम में 14 में से 12 सीटें जीतने का बार-बार दावा किया है, लेकिन भाजपा आलाकमान ने अभी तक कई निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया है। गौरतलब है कि निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के परिणामस्वरूप भाजपा कई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुकूल स्थिति में है, लेकिन कई निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों को खोजने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसलिए उम्मीदवारी पर चर्चा के लिए पार्टी आलाकमान के साथ बैठक के लिए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा शनिवार सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वर्तमान में नगांव, बरपेटा, धुबड़ी, कोकराझार और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा मुश्किल में है। इन विधानसभा क्षेत्रों में विपक्ष अभी भी मजबूत स्थिति में है। इधर कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए हैं। अगर कांग्रेस नगांव, बरपेटा और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत उम्मीदवार उतारती है, तो यह भाजपा के लिए खतरा होगा। तब भाजपा के मिशन 12+ को कड़ी चुनौती मिलना तय है। बाजपेयी भवन में इस समय इस बात की काफी चर्चा है कि राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल लखीमपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन पार्टी आलाकमान से चुनाव लड़ने के लिए अभी तक उन्हें कोई संकेत    गुरुवार को होनी है, जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा होनी है। ऐसे में इसी बैठक के बाद उसी दिन बीजेपी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। बीजेपी का दावा है कि इस लोकसभा चुनाव में एनडीए को 400 से अधिक सीटें मिलेंगी, जबकि बीजेपी ने अपना टारगेट 370 सीटें जीतने का रखा है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को रोकने के लिए पिछले साल कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया नामक गठबंधन बनाया है। हालांकि, इसमें पिछले दिनों तब झटका लगा, जब बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू और यूपी में जयंत चौधरी की आरएलडी गठबंधन से बाहर होकर एनडीए का हिस्सा हो गई। वहीं, अब बाकी बचे दलों के बीच विभिन्न राज्यों में एक के बाद एक गठबंधन हो रहा है। दिल्ली, गोवा, हरियाणा, गुजरात आदि में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच अलायंस हुआ है, तो यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की घोषणा हो चुकी है। महाराष्ट्र को लेकर बातचीत अभी जारी है। चुनाव आयोग के अधिकारी इस समय आम चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहे हैं। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल, बिहार जैसे राज्यों का दौरा हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर आदि बाकी है। सूत्रों का कहना है कि जब राज्यों के दौरे पूरे हो जाएंगे, तब अगले महीने 13 मार्च के बाद कभी भी लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो 11 अप्रैल से 19 मई के दौरान सात चरणों में मतदान करवाए गए थे, जबकि नतीजों का ऐलान 23 मई को हुआ था।