पूर्वांचल प्रहरी टीम कार्बी आंगलांग/लंका : खेरनी कांड को लेकर आज चौथे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। दोनों पहाड़ी जिलों में आज भी जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली। खासकर बोकाजान महकमे के सिलोनीजान, शांतिपुर, चौकीहोला के साथ लंगहिं डकमका आदि अंचलों में विरोध अधिक देखने को मिला। इधर आज चार दिन बीत जाने के बाद भी दोनों पहाड़ी जिलों में हिंदीभाषियों की दुकानें और अन्य कारोबार बंद रहे। इसके अलावा आज कार्बी आंग्लांग जिला परिषद के तत्वावधान में एएसडीसी, केएसए और केएनसीए के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी संगठनों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी मुख्य कार्यकारी सदस्य को सौंपा। हालांकि बैठक में क्या फैसला निकलकर आया, इसका पता नहीं चला।
सूत्रों के अनुसार कल राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठक के बाद ही फैसला सामने आ सकता है, वहीं दूसरी तरफ कार्बी आंगलांग घटना में हिंदीभाषी समुदाय के साथ हो रहे दोहरे बर्ताव को लेकर स्थानीय लोग काफी चिंतित हैं। वे लगातार सरकार और हिंदीभाषी संगठनों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक किसी भी हिंदीभाषी संगठन ने इस घटना के खिलाफ अपनी आवाज नहीं उठाई है। दुर्भाग्य है कि गुवाहाटी से संचालित राज्य स्तरीय हिंदीभाषी संगठनों और विभिन्न पार्टियों के हिंदी भाषी नेता भी अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं, जबकि वे समय- समय पर प्रेस नोट्स जारी करके बयानवीर बनने की कोशिश जरूर करते हैं। फिलहाल राज्य सरकार में हिंदीभाषी मंत्री है, इस समाज से विधायक भी विधानसभा में पहुंचे हैं। भाजपा के संगठन में भी कई हिंदीभाषी समाज के लोग शामिल हैं, फिर वे खामोश है और उनकी खामोशी कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। लंका से हमारे निज संवाददाता के अनुसार निकटवर्ती कार्बी आंगलांग जिले में बीते दिनों हुए दुर्भाग्यपूर्ण कार्बी और हिंदीभाषी लोगों के विवाद में आज सोमवार को बदलाव आया है।
आज हिंदीभाषी संगठनों ने एक संवाददाता सम्मेलन कर सीसी कैमरे का फुटेज जारी करते हुए पीजीआर और वीसीआर को लेकर खेरोनी चारआली पर धरने पर बैठे कार्बी समुदाय के संगठनों के आरोप को खारिज कर दिया। हिंदीभाषी संगठनों के नेताओं ने कथित तौर पर हिंदीभाषी समाज द्वारा आक्रमण किए जाने के दावे को खारिज करते हुए उसे बिल्कुल गलत करार दिया। हिंदीभाषी संगठनों ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि दिन के समय यहां खेरोनी चारआली में कार्बी संगठन के लोग अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ कर चले गए थे। बाद में सायं लगभग पांच बजे के आस-पास वहां ऑटो स्टैंड के पास वाहनों पर सवार युवकों का दल चारआली आया और भीड़ भाड़ वाले जगह में एक युवक के बिल्कुल ही करीब से टकराते टकराते गया। मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान वहां उस युवक ने वाहन चालक से गुस्से में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। तब वाहन पर सवार कार्बी युवकों का दल हिंदी भाषी युवक को बुरी तरह से पीटने लगा।
जैसाकि जारी सीसी कैमरे के फुटेज में दिखाया गया है। इसी दौरान उस युवक को बचाने उसके साथी आ गए और दोनो तरफ से कहासुनी और झड़प हो गई। जिसे गलत ढंग से प्रचारित किया गया और धरने पर बैठे लोगो पर आक्रमण बताकर मामले को गलत रूप प्रचारित किया गया। हिंदी भाषी संगठन ने मांग की है कि दोनों ही घटनाओं पीजीआर और वीसीआर को लेकर धरने पर बैठने के समय तथा कथित कार्बी युवकों के ऊपर हमले के समय को देखा जाए। हिन्दी भाषी संगठनों ने कहा कि कार्बी संगठनों की मांग और मानने की मांग पर हमें कुछ भी करने का अधिकार नहीं है और अपने अधिकारों को लेकर सबको आवाज उठाने या धरने पर बैठने का अधिकार है।
हिंदी भाषी संगठनो ने इस दुर्भाग्य पूर्ण घटना पर दु:ख व्यक्त करते हर इस घटना में शामिल सभी दोषियों को तुरन्त गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्बी समुदाय और हिंदी भाषी लोगों भाईचारे के रिश्ते को कायम रखते हुए जिले में सौहार्द पूर्ण माहौल कायम करने की अपील की, वहीं आज सीइएम तुलीराम रंगहांग ने इस सभी मामले को लेकर बैठक की और कल 20 फरवरी को जिले के सभी संगठनों, राजनैतिक दलों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों सहित जिले के सभी प्रबुद्ध लोगों को लेकर बैठक करने वाले हैं जिसपर पूरे जिले के लोगों की निगाहें टिकी हैं।