लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत को लेकर पूरी दुनिया में अभूतपूर्व पॉजिटिविटी दिख रही है। पीएम मोदी ने कतर और यूएई की यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि हर देश भारत के विकास को लेकर आश्वस्त और भरोसे से भरा हुआ है। पूरी दुनिया भारत को बेहतर रिटर्न की गारंटी मान रही है। मोदी ने 'यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023' के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों के चौथे भूमि पूजन समारोह में सोमवार को पूरे उत्तर प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक लागत की 14,000 परियोजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि चुनाव नजदीक होने पर लोग नए निवेश से बचते हैं। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में सोच भी तोड़ दी है। दुनियाभर के इन्वेस्टर्स को सरकार की पॉलिसी और स्टेबिलिटी पर पूरा भरोसा है। ये विश्वास लखनऊ में झलक रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जिस प्रकार की सोच आजादी के बाद से अनेक दशकों तक रही है उसपर चलते हुए ये परिवर्तन संभव ही नहीं था। तब की सरकारों की सोच थी कि देश के नागरिकों का जैसे तैसे गुजारा कराओ। उन्हें हर मूलभूत सुविधा के लिए तरसा के रखो। पहले की सरकारें केवल चुनिंदा शहरों में अवसर उपलब्ध कराती थीं, जिसके कारण देश का बड़ा हिस्सा विकास से वंचित रह गया।
डबल इंजन सरकार ने पुरानी राजनीतिक सोच को बदल कर रख दिया है। हम हर नागरिक के जीवन को आसान बनाने में जुटे हैं। जीवन आसान होगा तो निवेश और कारोबार करना भी आसान होगा। प्रधानमंत्री ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार जब अपनी तरफ से लाभार्थियों को लाभ पहुंचाती है, तो यही सच्चा अर्थ में सामाजिक न्याय और सच्चा सेक्युलरिज्म होता है। पहले भ्रष्टाचार और भेदभाव के चलते लोगों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए लंबी लाइन लगानी होती थी। एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में दौडऩा होता था। मोदी की गारंटी है कि जब तक हर लाभार्थी को उसका हक नहीं मिलता, हमारी सरकार शांत नहीं बैठेगी। यही वो समाजिक न्याय है, जिसका सपना जेपी और लोहिया ने देखा था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की योजनाएं सामाजिक न्याय और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल भगत सिंह की तरह फांसी पर लटकने से ही देश की सेवा होती है, ऐसा नहीं है। देश के लिए काम करने से भी देश की सेवा होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बने सात वर्ष हो रहे हैं। बीते सात साल में प्रदेश ने 'रेड टेप' कल्चर (लालफीताशाही) को हटाकर 'रेड कार्पेट' कल्चर बनाया है। बीते सात वर्षों में उत्तर प्रदेश में अपराध कम हुआ है, तो 'बिजनेस कल्चर' (कारोबारी संस्कृति) का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश वह राज्य है, जहां देश के सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे हैं। आज यह ऐसा राज्य है, जहां देश में सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। आज उत्तर प्रदेश वह राज्य हैं जहां देश की पहली रैपिड रेल चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरा देश गर्व करता है कि उत्तर प्रदेश एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं योगी जी को और उत्तर प्रदेश सरकार को विशेष बधाई देता हूं।
हर हिंदुस्तानी को गर्व होता हैं जब हम सुनते हैं कि राज्य ने ठान लिया है कि एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाएंंगे। मैं देश के सभी राज्यों से आग्रह करूंगा कि राजनीति अपनी जगह पर छोडि़ए। जरा उप्र से सीखिए। देश तभी आगे बढ़ेगा जब उत्तर प्रदेश की तरह हर राज्य बड़े सपने बड़े संकल्प लेकर चल पड़े। प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की भी विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी मध्यम वर्ग की खरीद शक्ति बढ़ी है। उन्होंने एमएसएमई को यूपी की ताकत बताया। साथ ही ओडीओपी और पीएम श्रम सम्मान योजना की भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने काशी की चर्चा करते हुए कहा कि वहां का सांसद होने के नाते वह काशी के लकड़ी के खिलौनों को हमेशा आगे बढ़ाते हैं। भारत में खिलौना कारोबार की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन केंद्र बनने का सामथ्र्य है। लाखों लोग काशी और अयोध्या आ रहे हैं।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए ये सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि 2025 में उत्तर प्रदेश में कुंभ का आयोजन होगा, ये राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण अवसर होगा। प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा की चर्चा करते हुए कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ना केवल देशवासियों को मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली कमाई का साधन भी बनेगी। इस क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। कार्यक्रम में कई उद्योगपति, शीर्ष वैश्विक और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि और राजदूत भी शामिल हुए।